पीएम मोदी ने भारतीय अर्थव्यवस्था के मजबूत आंकड़ों और 7.8% की जीडीपी वृद्धि दर पर सवाल उठाने वाले विपक्ष पर सीधा हमला बोला है। श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के शताब्दी समारोह में पीएम मोदी ने कहा कि भारत को कमजोर देशों की सूची में शामिल करने वाले लोग जीडीपी पर संदेह जटा रहे हैं।
कमजोर 5′ में रखने वाले नहीं पचा पा रहे 7.8% GDP ग्रोथ
पीएम मोदी ने भारतीय अर्थव्यवस्था में आए सकारात्मक बदलावों और 7.8% की प्रभावशाली तिमाही जीडीपी (GDP) वृद्धि दर पर सवाल उठाने वाले आलोचकों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग कभी भारत को ‘कमजोर पांच’ (Fragile 5) देशों की श्रेणी में रखते थे, वे आज देश की आर्थिक प्रगति और विकास के आंकड़ों को पचा नहीं पा रहे हैं।
नाराज फूफा से की विपक्षी दलों की तुलना
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की तुलना परिवार के “नाराज फूफा” और “चिरस्थायी चाचा” से करते हुए कहा कि ये ऐसे लोग हैं जिन्हें हर अच्छी बात में कमी निकालने की आदत है और जिनके लिए गिलास कभी आधा भरा नजर नहीं आता।
उन्होंने कहा कि जीडीपी के आंकड़ों पर संदेह जताने वाले ठीक वही लोग हैं जिन्होंने जन धन योजना से लेकर मेक-इन-इंडिया तक सरकार की हर नीतिगत पहल का विरोध किया था।
झूठ की गूंज के खिलाफ सत्य की जीत होगी
पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि यूरोप और पश्चिम एशिया में जारी युद्धों और वैश्विक भू-राजनीतिक संकटों के बावजूद भारत ने यह प्रभावशाली विकास दर हासिल की है। आलोचकों के ‘झूठ के अभियान’ पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि ‘झूठ की गूंज’ के खिलाफ अंततः ‘सत्य की हुंकार’ ही प्रबल होगी और सच्चाई की जीत होगी।
अपने भाषण में ‘दिमागी नक्सल’ वाली टिप्पणी पर जारी विवाद का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “मैंने होम्योपैथिक गोली दी थी और सारे ‘दिमागी नक्सल’ रेंगते हुए बाहर आ गए। देश की जनता अब इस मानसिकता को बढ़ावा देने वालों का असली चेहरा अच्छी तरह पहचान चुकी है।”

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

