यमुनानगर में वन विभाग के खिलाफ किसानों का धरना, विरोध के बाद साढ़े तीन घंटे से बंधक 70 गायें कराईं मुक्त

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 साढौरा वन विभाग कार्यालय के गेट पर रविवार देर शाम भाकियू चढ़ूनी ग्रुप के प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव सैनी के नेतृत्व में किसानों ने दरी बिछाकर धरना शुरू कर दिया। किसानों का आरोप है कि वन विभाग कर्मचारियों ने चरवाहों की करीब 70 गायों को दोपहर दो बजे से भूखे-प्यासे वन विभाग कार्यालय परिसर में बंधक बना रखा था।

करीब साढ़े तीन घंटे धरना देने के बाद रात करीब साढ़े 10 बजे गायों को बाहर निकाल दिया गया। मौके पर गौरक्षा दल और साढौरा पुलिस भी पहुंच गई थी। प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव सैनी ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि वन विभाग कर्मचारियों ने चरवाहों की करीब 70 गायों को दोपहर दो बजे से बंधक बना रखा है।वह मौके पर पहुंचे, लेकिन कर्मचारियों ने गेट पर ताला लगा रखा था और मिलने के लिए कोई बाहर नहीं आया। उन्होंने कहा कि गायें भूखी-प्यासी थीं। शाम के समय दूध निकालने का समय होता है, लेकिन दूध नहीं निकाला जा सका।

गाय मालिक इसरान, गफूर और अकरम ने बताया कि वे साढौरा तहसील परिसर के पास यासीन माजरी नदी पार खाली पड़ी जमीन में डेरे लगाकर गायों को रखते हैं। रविवार को वे बीमार रिश्तेदार को देखने चंडीगढ़ पीजीआइ गए थे और गायों को चराने के लिए दिहाड़ी पर दो युवकों को छोड़ गए थे।

उन्होंने आरोप लगाया कि वन विभाग कर्मचारियों ने वन भूमि में पौधे चराने के आरोप में दोनों युवकों को लट्ठ मारकर भगा दिया और गायों को बंधक बना लिया। एक गाय की टांग तोड़ने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि काफी गुहार के बावजूद गायों को अंदर बंद कर ताला लगा दिया गया।

नदी में गायों को पानी भी नहीं पिलाने दिया जाता। वन विभाग दारोगा बलबीर ने बताया कि वन भूमि में लगाए पौधे गायों ने चर लिए थे, जिसके चलते उन्हें परिसर में बंद किया गया। चरवाहों से आधार कार्ड मांगे गए थे और आधार कार्ड देने पर गाय छोड़ने की बात कही गई थी, लेकिन उन्होंने आधार कार्ड नहीं दिए। रात साढ़े 10 बजे गायों को बाहर निकालने के बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया।

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