महिला से बना दिया ‘किन्नर’, आधार कार्ड की एक गलती बेटी की ‘पहचान’ पर भारी; जेंडर गलत होने से एडमिशन भी अटका

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 एक छोटी-सी लापरवाही ने 18 वर्षीय युवती और उसके पिता को तीन वर्षों से मानसिक पीड़ा और सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने के लिए मजबूर कर रखा है। जन्मतिथि में संशोधन के लिए किए आवेदन के दौरान आधार आपरेटर की गलती से युवती के जेंडर में महिला के स्थान पर किन्नर दर्ज हो गया।

जन्मतिथि तो संशोधित हो गई, लेकिन जेंडर की इस गलती को ठीक कराने के लिए परिवार परेशान है। स्थिति यह है कि आधार में दर्ज गलत जेंडर के कारण युवती की बीकाम प्रथम वर्ष की प्रवेश प्रक्रिया भी संकट में है।एक गांव निवासी युवती ने तीन वर्ष पूर्व आधार कार्ड में जन्मतिथि संशोधन के लिए 17 जुलाई 2023 को पहली बार आवेदन किया था। परिवार के अनुसार, संशोधन के बाद जब आधार कार्ड देखा गया तो जन्मतिथि सही थी, लेकिन जेंडर में महिला के बजाय किन्नर दर्ज था। परिवार ने वर्षों बाद इस पर ध्यान दिया तो इसे ठीक कराने का प्रयास किया, लेकिन युवती को एक बार जेंडर में संशोधन होने का हवाला देकर लिमिट खत्म होना बताया गया। इस कारण तीन वर्ष बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है।

युवती के लिए यह सिर्फ एक सरकारी रिकार्ड की गलती नहीं है, बल्कि उसकी पहचान से जुड़ी बात है। उसे मानसिक रूप से परेशान होना पड़ रहा है। स्वजन ने बताया कि गुरुवार को वह सीएमओ कार्यालय गए थे और उन्होंने समस्या के समाधान की गुहार लगाई थी। सीएमओ डा. पीके सक्सेना ने कहा कि यह आधार कार्ड बनाने के दौरान की त्रुटि है, इसलिए विभाग कुछ नहीं कर सकता है। यदि कोई जांच कराने के लिए कहता है, तो वह करा दी जाएगी।

पढ़ाई पर भी मंडरा रहा संकट

युवती ने वर्ष 2024 में यूपी बोर्ड से हाईस्कूल और वर्ष 2026 में इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की है। इसके बाद वह बीकाम में प्रवेश लेना चाहती है, लेकिन आधार में जेंडर की गलत प्रविष्टि के कारण प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने में परेशानी आ रही है। परिवार को आशंका है कि दस्तावेजों में विसंगति के कारण उसकी उच्च शिक्षा प्रभावित हो सकती है।

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