साहिबगंज में दानपत्र की जमीन पर घर बनाना पड़ा भारी, कोर्ट ने दिया खाली करने का आदेश
राजधानी रांची में आदिवासियों की जमीन पर बने बड़े-बड़े भवनों को ध्वस्त होने का वीडियो आपने इंटरनेट मीडिया पर देखा होगा, लेकिन अब साहिबगंज में भी इस तरह की कार्रवाई शुरू हो गयी है।
पिछले दिनों मंडरो अंचल क्षेत्र की बड़तल्ला पंचायत में ऐसी जमीन पर वर्षों से घर बनाकर रह रहे परिवारों को घर खाली करने का निर्देश दिया गया। इससे संबंधित केस अनुमंडल पदाधिकारी की अदालत में चल रहा था।
अदालत ने चंचल हेम्ब्रम बनाम मंगला मंडल वगैरह के वाद में भूमि को खाली कराने का आदेश दिया है। आदेश के अनुपालन के लिए मंगलवार को सीओ संजय शुक्ला पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
प्रशासनिक टीम ने घरों को खाली कराने की कार्रवाई शुरू की तब जमीन पर रह रहे परिवारों ने प्रशासन से कुछ समय देने की मांग की। इसके बाद उन्हें मकान खाली करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया।
25 अगस्त तक खुद जमीन खाली कर देने का निर्देश दिया गया है वरना प्रशासन उसे बलपूर्वक खाली करा देगा। सूत्रों की मानें तो दानपत्र की इस जमीन पर पीएम आवास सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी लोगों को दिया गया था।
दिबू हेम्ब्रम के नाम से जमीन
मंडरो प्रखंड की बड़तल्ला पंचायत के बड़तल्ला मौजा में दिबू हेम्ब्रम के नाम से जमीन है। दिबू हेम्ब्रम के पाेते खुदु हेम्ब्रम ने मंगला मंडल उर्फ जयप्रकाश मंडल, पवन मंडल, बिरो मंडल आदि को बसने के लिए दान में जमीन दे दी।
इसके बाद सभी लोग वर्षों से उस जमीन में घर बनाकर रह रहे हैं। कुछ साल पूर्व दिबू हेम्ब्रम के वंशज चंचल हेम्ब्रम ने उक्त जमीन पर अपना दावा ठोका। मामला अनुमंडल कोर्ट तक गया। कोर्ट ने चंचल हेम्ब्रम के पक्ष में फैसला दिया है।
उधर, खुदू हेम्ब्रम की बेटी मोयबेटी हेम्ब्रम का कहना है कि मेरे पिता ने काफी वर्ष पहले भूमिहीन परिवार को रहने के लिए जमीन दी थी। अब मेरी चाची जंजी जमीन पर बसे परिवार को हटा रही हैं। मैं इसे खाली कराने के पक्ष में नहीं हूं। अब मेरे माता-पिता भी नहीं हैं, इसलिए विवाद बढ़ गया है।
इधर, जमीन पर रह रहीं मुन्नी देवी ने कहा कि कई वर्षों से हम यहां रह रहे हैं। मुझे इसी जमीन पर सरकारी आवास भी मिला है। अगर घर तोड़ दिया जाएगा तो बाल-बच्चों को लेकर हम कहां जाएंगे?

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

