भारतीय क्रिकेटर रोहित शर्मा के प्रति जुनून और समर्पण की मिसाल पेश करते हुए ओडिशा के अनुगुल जिले के 22 वर्षीय युवक सुनील राउत ने ऐसा सफर तय किया, जिसे वह शायद जिंदगी भर नहीं भूल पाएंगे।
बंरपाल ब्लॉक की तुबे पंचायत के कुलेई गांव निवासी सुनील अपने क्रिकेट आदर्श ‘हिटमैन’ रोहित शर्मा से मिलने के लिए साइकिल से करीब 1,900 किलोमीटर की दूरी तय कर 15 दिन में मुंबई पहुंचे।
स्थानीय कारखाने में क्रेन ऑपरेटर के रूप में काम करने वाले सुनील के लिए यह सफर सिर्फ दूरी तय करना नहीं, बल्कि अपने पसंदीदा क्रिकेटर से मिलने के सपने को पूरा करने की कोशिश थी।
30 जुलाई को शुरू की यात्रा
सुनील ने 30 जुलाई को अपने गांव से मुंबई के लिए साइकिल यात्रा शुरू की। वह प्रतिदिन करीब 12 घंटे साइकिल चलाते और लगभग 170 किलोमीटर की दूरी तय करते थे।
लंबी यात्रा के दौरान उन्होंने पेट्रोल पंपों पर रात गुजारी और सड़क किनारे ढाबों में भोजन किया। 15 दिनों की इस यात्रा में उनके करीब 40 से 45 हजार रुपये खर्च हुए। इसमें अधिकांश राशि भोजन और रास्ते के अन्य जरूरी खर्चों पर लगी।
13 अगस्त को मुंबई पहुंचे, लेकिन सामने आई नई चुनौती
लगातार 15 दिन साइकिल चलाने के बाद सुनील 13 अगस्त को मुंबई पहुंचे और रोहित शर्मा के आवास के बाहर पहुंचकर इंतजार करने लगे। वहां मौजूद एक सुरक्षाकर्मी ने उन्हें बताया कि रोहित लंदन गए हैं और कई महीनों बाद लौटेंगे।
यह सुनकर सुनील निराश जरूर हुए, लेकिन उन्होंने वापस लौटने का फैसला नहीं किया। वह रोहित के घर के बाहर ही इंतजार करते रहे और रात भी गेट के पास बिताई।
बाद में दूसरे सुरक्षाकर्मी से उन्हें जानकारी मिली कि रोहित 15 अगस्त को लौट सकते हैं। सुरक्षाकर्मी ने सुनील के लिए पास के एक होटल में ठहरने की व्यवस्था कराने में मदद की, लेकिन सुनील ने गेट के बाहर ही रहने का फैसला किया। उन्हें डर था कि होटल चले गए तो अपने आदर्श से मिलने का मौका कहीं हाथ से न निकल जाए।
15 अगस्त को पूरा हुआ सपना
आखिरकार 15 अगस्त को सुनील के इंतजार का अंत हुआ। दोपहर करीब तीन बजे रोहित अपने घर पहुंचे। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों से सुनील को बुलाने के लिए कहा।
सुनील जब उनके सामने पहुंचे और उनके पैर छूने की कोशिश की तो रोहित ने उन्हें रोक दिया और गर्मजोशी से गले लगा लिया। इस मुलाकात का वीडियो भी बनाया गया, जो बाद में इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने लगा।
जगन्नाथ और राधा-कृष्ण की मूर्तियां की भेंट
मुलाकात के दौरान सुनील ने रोहित को भगवान जगन्नाथ और राधा-कृष्ण की मूर्तियां, रोहित और उनकी पत्नी की तस्वीर तथा एक उत्तरीय भेंट किया। बताया जाता है कि रोहित ने करीब 30 मिनट तक सुनील के साथ बातचीत की।
उन्होंने उसकी साइकिल यात्रा के बारे में विस्तार से पूछा और यह भी जाना कि करीब 1,900 किलोमीटर के सफर में उसे रास्ते में किन-किन परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सुनील के अनुसार, रोहित को यह जानकर काफी खुशी हुई कि वह ओडिशा से साइकिल चलाकर मुंबई तक पहुंचा है। सुनील ने बताया कि रोहित के गले लगने का वह क्षण उसके लिए इतना खास था कि 15 दिनों की थकान, रास्ते की मुश्किलें और तमाम परेशानियां उसी पल भूल गया।
पैसों की मदद भी ठुकराई
मुलाकात के बाद, खबरों के मुताबिक रोहित के मैनेजर ने सुनील से उनका फोनपे नंबर मांगा। हालांकि, सुनील ने यह कहते हुए मना कर दिया कि उन्हें पैसों की जरूरत नहीं है। उनके लिए अपने आदर्श रोहित शर्मा से मिलना ही सबसे बड़ा तोहफा था।
अब ट्रक से लौट रहे ओडिशा
रोहित से मुलाकात के बाद सुनील के सपने को पूरा होने के साथ उनकी मुंबई यात्रा भी समाप्त हुई। प्राप्त सूचना के मुताबिक वह अब ट्रक से ओडिशा लौट रहे हैं।
उनके लिए 15 अगस्त का दिन सिर्फ अपने पसंदीदा क्रिकेटर से मिलने का दिन नहीं, बल्कि 1,900 किलोमीटर की उस कठिन साइकिल यात्रा की मंजिल भी बन गया, जिसे उन्होंने अपने जुनून और दृढ़ संकल्प के दम पर पूरा किया।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

