‘ज्ञानेश कुमार को अमेरिका ले जाएं’, ट्रंप की ओर से भारतीय चुनावी व्यवस्था की तारीफ के बाद CEC पर कांग्रेस का तंज

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका में कड़े मतदाता पहचान नियमों की वकालत करते हुए भारतीय चुनाव प्रणाली का हवाला दिए जाने के बाद, कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा तंज कसा।

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि कृपया ज्ञानेश कुमार गुप्ता को अमेरिका ले जाएं और उन्हें वहीं रखें। हम अगली उपलब्ध उड़ान से अपनी EVM भी भेज देंगे।

भारत के प्रति ट्रंप के कथित अपमान और धौंस का संदर्भ देते हुए खेड़ा ने आगे कहा कि हम आपके लिए कम से कम इतना तो कर ही सकते हैं। खेड़ा ने अपनी पोस्ट का अंत ‘To SIR With Love, from India’ लिखकर किया, जो कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की ओर एक अप्रत्यक्ष इशारा था।

ट्रंप ने दिया था भारतीय चुनाव प्रणाली का हवाला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सेव अमेरिका एक्ट के समर्थन में भारत की चुनाव प्रणाली का उदाहरण दिया था। इस प्रस्तावित अमेरिकी कानून के तहत संघीय मतदाता पंजीकरण के लिए नागरिकता का प्रमाण और वैध फोटो पहचान पत्र अनिवार्य करने की मांग की गई है।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि इस महीने की शुरुआत में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने हमारे प्रशासन से पूछा था कि आप अमेरिका में बिना वैध फोटो आईडी के चुनाव कैसे करा सकते हैं?

ट्रंप ने भारत के 2024 के लोकसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें 64.6 करोड़ से अधिक लोगों ने मतदान किया और 1% से भी कम वोट पोस्टल बैलेट के जरिए डाले गए। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत में प्रत्येक मतदाता के पास वैध फोटो पहचान पत्र था।

कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच पुराना विवाद?

पवन खेड़ा का यह ताजा बयान अचानक नहीं आया है, इसके पीछे कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच मतदाता सूची को लेकर चल रही पुरानी खींचतान है। साल 2025 में यह मामला तब और गरमा गया था, जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर वोट चोरी और मतदाता सूची में भारी गड़बड़ियों के आरोप लगाए थे।

राहुल गांधी ने दावा किया था कि 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान कर्नाटक की महादेवपुरा विधानसभा सीट पर फर्जी पते और डुप्लीकेट वोटर्स जैसी कई बड़ी अनियमितताएं हुई थीं। चुनाव आयोग ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था।

आयोग ने राहुल गांधी से अपने दावों को साबित करने के लिए हलफनामा जमा करने को कहा था। बाद में मुख्य चुनाव आयुक्त ने यहां तक कह दिया था कि राहुल गांधी को या तो हलफनामा देना चाहिए या फिर अपने निराधार आरोपों के लिए सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए।

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