जम्मू-कश्मीर में पहली बार आयोजित होने जा रहे अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFJK) को यादगार और अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन बनाने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सात से 10 सितंबर तक प्रस्तावित चार दिवसीय महोत्सव में फिल्मों की स्क्रीनिंग के साथ मास्टरक्लास, पैनल चर्चा, फिल्मकारों से संवाद, नेटवर्किंग और कारोबारी बैठकें होंगी।आयोजन के दौरान कश्मीर के उभरते पर्यटन स्थलों, संस्कृति, हस्तशिल्प और हथकरघा को भी अंतरराष्ट्रीय मेहमानों व फिल्म जगत के सामने प्रदर्शित किया जाएगा। मंडलायुक्त कश्मीर अंशुल गर्ग ने सोमवार को तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय और समयबद्ध कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि आइएफएफजेके के माध्यम से सिनेमाई उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान, रचनात्मक सहयोग, उभरती फिल्म प्रतिभाओं और अंतरराष्ट्रीय फिल्म उद्योग के बीच सहभागिता को प्रोत्साहित किया जाएगा।
छात्रों और युवा फिल्मकारों के लिए भी विशेष कार्यक्रम
महोत्सव में उद्घाटन और समापन समारोह के अलावा चयनित फिल्मों की स्क्रीनिंग, मास्टरक्लास, पैनल चर्चाएं तथा ज्यूरी और फिल्मकारों के साथ संवाद के सत्र आयोजित होंगे। छात्रों और युवा फिल्मकारों के लिए भी विशेष कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। इसके साथ फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने, नेटवर्किंग तथा कारोबारी संपर्क के लिए भी मंच उपलब्ध कराया जाएगा।
मंडलायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए, ताकि आयोजन से जुड़े कार्यों में बेहतर तालमेल बना रहे। उन्होंने सूचना एवं जनसंपर्क निदेशक को आयोजन प्रबंधक और विभिन्न विभागों के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा, जिसमें प्रत्येक की जिम्मेदारी और समयसीमा स्पष्ट हो।
नए पर्यटन स्थलों की होगी ब्रांडिंग
अंशुल गर्ग ने कश्मीर की पर्यटन क्षमता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने पर्यटन विभाग को नए और उभरते पर्यटन स्थलों की केंद्रित ब्रांडिंग करने के निर्देश दिए, ताकि देश-विदेश के फिल्मकारों के साथ अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को भी इन स्थलों की ओर आकर्षित किया जा सके। महोत्सव के दौरान इस्तेमाल होने वाली शिकारा और नावों की भी उपयुक्त ब्रांडिंग करने को कहा गया।
संस्कृति और हस्तशिल्प की दिखेगी झलक
मंडलायुक्त ने फिल्म महोत्सव को कश्मीर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न स्थलों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने तथा चयनित स्थानों पर कश्मीरी हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पादों को प्रदर्शित करने पर बल दिया। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के लिए उपयुक्त भोजन मेन्यू तैयार करने तथा भाषा संबंधी सुविधा के लिए द्विभाषी सेवा प्रदाताओं की नियुक्ति के निर्देश भी दिए गए।
मेहमानों के लिए विरासत भ्रमण और विशेष पैकेज
बैठक में जेकेटीडीसी और हस्तशिल्प एवं हथकरघा विभाग द्वारा चिन्हित स्थलों के लिए हेरिटेज टूर की योजना की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा मेहमानों के लिए कस्टमाइज्ड टूर पैकेज, दर्शनीय स्थलों के भ्रमण और परिवहन व्यवस्था पर भी चर्चा हुई।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

