इसके तहत मल्टी एजेंसी सेंटर (मैक) के जरिये रीयल टाइम में खुफिया जानकारी साझा करने को औपचारिक रूप दिया जाता है, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को सुरक्षित किया जाता है और राज्य एजेंसियों तथा नेशनल सिक्योरिटी गार्ड जैसे विशेष केंद्रीय बलों के बीच कमांड की एक त्वरित व समन्वित शृंखला तैनात की जाती है।”