पश्चिम बंगाल में एसआईआर के दौरान वोटर लिस्ट से नाम काटे गए लोगों की करीब 34 लाख अपीलें ट्रिब्यूनल के पास लंबित होने पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को चिंता जताई। कोर्ट ने कहा कि ट्रिब्यूनल को अपना काम तेज करना चाहिए।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि प्रक्रिया इतनी धीमी नहीं हो सकती कि अपीलें तय होने तक अगले विधानसभा चुनाव का समय आ जाए। बेंच में जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल थे।कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि ये ट्रिब्यूनल सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित किए गए थे। काफी समय बीत चुका है, इसलिए लंबित मामलों और निपटारे के आंकड़ों के आधार पर उनके प्रदर्शन की समीक्षा जरूरी है।
कोर्ट ने चुनाव आयोग को 25 अगस्त तक लंबित मामलों और निपटारे के आंकड़े पेश करने का निर्देश दिया। जस्टिस बागची ने कहा कि आंकड़े मिलने के बाद प्रक्रिया तेज करने के लिए मार्गदर्शन और आईटी सहायता दी जा सकती है।
कोर्ट ने अपीलों के निपटारे के लिए कोई सख्त समयसीमा तय करने से इनकार कर दिया। नाम काटे गए लोगों को कल्याणकारी योजनाओं से वंचित करने के मुद्दे को अलग बताते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट में उठाने को कहा।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

