यूपी में जल्द खुलेंगे शिक्षक भर्ती के रास्ते, अर्हता विसंगति दूर करने के लिए लखनऊ में बड़ी बैठक
अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों, महाविद्यालयों, बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में शिक्षकों के पद रिक्त हैं और उन पर भर्ती के लिए रिक्तियों का विवरण (अधियाचन) भी ऑनलाइन भेजा गया है, लेकिन कुछ में अर्हता को लेकर विसंगति होने से अड़चन है।
यह भर्तियां करने वाले उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने इसमें से कुछ अधियाचन यह कहकर वापस भेज दिए हैं कि अर्हता संबंधी विसंगतियां दूर कर पुन: भेजा जाए। अर्हता संबंधी विसंगति तथा शिक्षा से जुड़े कुछ अन्य मुद्दों पर चर्चा करने व उसके निराकरण पर विमर्श के लिए शासन ने बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा विभाग और भर्ती आयोग के अधिकासरकार की मंशा है कि विसंगतियों को दूर कर जल्द शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए। शासन का मानना है रिक्त पदों का विवरण भेजने वाले और उसके सापेक्ष चयन करने वाले आयोग के अधिकारी एकसाथ बैठेंगे तो समस्याओं पर विस्तृत चर्चा करने के साथ उसके निरस्तारण की भी रूपरेखा बन सकेगी।
अभी जिन शिक्षण संस्थानों में शिक्षक भर्तियां होनी हैं, उनकी ओर से शिक्षा सेवा चयन आयोग को अधियाचन भेजा जा रहा है और जिसे चयन प्रक्रिया शुरू करनी है, उसकी ओर से कुछ बिंदुओं पर स्पष्टता नहीं होने से उसे लौटाया जा रहा है।
एडेड माध्यमिक प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक के 2647 पदों के लिए अर्हता स्पष्ट नहीं होने के कारण आयोग ने अधियाचन लौटा दिए हैं। बेसिक शिक्षा में बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में तथा एडेड माध्यमिक के संबद्ध प्राइमरी विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती की जानी है, लेकिन दोनों के अधियाचन में अर्हता को लेकर अंतर है।
इसके अलावा महाविद्यालयों के असिस्टेंट प्रोफेसर के 2107 पदों का अधियाचन भी अर्हता विसंगित के कारण वापस किया गया है। इन समस्याओं के साथ कुछ अन्य मुद्दों पर चर्चा कर समाधान के प्रयास किए जाएंगे, ताकि कार्यों में तेजी लाई जा सके।
रियों के साथ मंगलवार को लखनऊ में बैठक बुलाई है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

