सिल्क सिटी में बदला कपड़ा कारोबार: लीलेन-सूती और मधुबनी प्रिंट की बढ़ी मांग, बड़े ब्रांड्स तक पहुंच रहे भागलपुरी फैब्रिक
भागलपुर की वैश्विक पहचान भले ही ‘सिल्क सिटी’ के रूप में रही हो, लेकिन बदलते फैशन और आधुनिक बाजार की मांग के साथ यहां का कपड़ा उद्योग अब नए प्रयोग कर रहा है।
नए प्रयोगों से बदला बाजार
अब पारंपरिक भागलपुरी सिल्क के साथ-साथ लीलेन और सूती (कॉटन) कपड़ों ने भी रेडीमेड बाजार में अपनी बेहद मजबूत और अलग जगह बना ली है।
मधुबनी प्रिंट कुर्ते की मांग
इतना ही नहीं, भागलपुर में विशेष रूप से तैयार हो रहे पारंपरिक ‘मधुबनी प्रिंट’ वाले कुर्तों की मांग देश के विभिन्न महानगरों और फैशन सेंटरों में लगातार बढ़ रही है।
बड़े शहरों में हो रही सप्लाई
स्थानीय कपड़ा उत्पादक बाजार के नए ट्रेंड के अनुसार अलग-अलग फैब्रिक तैयार कर रहे हैं, जिनकी आपूर्ति दिल्ली, जयपुर, अहमदाबाद, सूरत, मुंबई और हैदराबाद भेजी जा रही है।
हर माह 25 हजार मीटर उत्पादन
कपड़ा उत्पादक इबरार हुसैन उर्फ बेला ने बताया कि शहर में हर महीने करीब 25 हजार मीटर उच्च गुणवत्ता वाला फैब्रिक तैयार कर बाहर भेजा जा रहा है।
200 परिवारों को मिला रोजगार
इस नए और बदलते कपड़ा कारोबार से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जिले के लगभग 200 से अधिक बुनकर व कामगार परिवारों को नियमित रोजगार मिल रहा है।
नामी कंपनियों को हो रही आपूर्ति
भागलपुर में तैयार हो रहे इस आधुनिक फैब्रिक की आपूर्ति देश की नामी फैशन कंपनियों और बड़े रिटेल ब्रांड्स जैसे रिलायंस, लिवास और सोच को भी की जा रही है।
मुंबई-साउथ में बढ़ी भारी मांग
भागलपुर में तैयार पारंपरिक मधुबनी प्रिंट वाले कुर्तों की मुंबई और दक्षिण भारत के बाजारों में भारी मांग है, जिसे युवा वर्ग भी काफी पसंद कर रहे हैं।
जयपुर में हो रहा जरी-बुटिक काम
भागलपुर के कपड़े की मांग केवल प्लेन फैब्रिक तक सीमित नहीं है। जयपुर के कई बड़े व्यापारी यहां से फैब्रिक मंगाकर उस पर खूबसूरत जरी और बुटिक का काम करा रहे हैं।
वैल्यू एडिशन से मिल रहा फायदा
जयपुर में जरी-बुटिक का काम होने के बाद इन कपड़ों को प्रीमियम रेंज में बड़े बाजारों में बेचा जाता है, जिससे भागलपुर के कपड़ा उद्योग को बेहतरीन वैल्यू एडिशन का लाभ मिल रहा है।
कई डिजाइन में बन रहे फैब्रिक
कारोबारियों का कहना है कि सिल्क के अलावा अब लीलेन, कॉटन और रंगीन कपड़ों पर चेक, स्ट्राइप्स, बाटिक प्रिंट, डिस्चार्ज प्रिंट, हैंड ब्लॉक और एम्ब्रॉयडरी जैसे कई आधुनिक प्रयोग किए जा रहे हैं।
ब्रांडिंग से मिलेगी नई पहचान
कपड़ा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि डिजाइनिंग, प्रॉपर ब्रांडिंग और डिजिटल मार्केटिंग पर थोड़ा और ध्यान दिया जाए तो भागलपुर का कपड़ा उद्योग देश के शीर्ष फैशन हब में शामिल हो जाएगा।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

