बेंगलुरु में टेक दिग्गज कैपजेमिनी कंपनी के कैंपस में बने एक डेकेयर सेंटर से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया। आरोप है कि यहां बच्चों की देखभाल करने वाले ही दो साल के मासूमों को वॉशिंग मशीन में बंद करने और उन पर पानी की तेज बौछारें मारने जैसी बेरहमी कर रहे थे।
हद तो तब हो गई जब इस हैवानियत के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक कर्मचारी को ही प्रबंधन ने नौकरी से निकाल दिया। ऐसे में अब वीडियो वायरल होने के बाद 5 केयरगिवर्स पर केस दर्ज हुआ है।
केयरगिवर्स की बेरहमी
बता दें कि यहां कर्मचारियों के छोटे बच्चों की देखभाल करने वाले केयरगिवर्स द्वारा बच्चों को बेरहमी से प्रताड़ित और प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगा है। जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने बताया कि इस डेकेयर सेंटर में बच्चों के साथ लंबे समय से अमानवीय व्यवहार किया जा रहा था।
इसके अलावा परिवीक्षा अधिकारी तिलकराज कुमार ने बताया कि जो लोग बच्चों की देखभाल के लिए रखे गए थे, वही उन्हें प्रताड़ित कर रहे थे। जब बच्चे रोते थे या आवाज करते थे, तो उन्हें चुप कराने के लिए वॉशिंग मशीन में डाल दिया जाता था या बाथरूम में बंद कर दिया जाता था।
पहले आवाज उठाने वाले को नौकरी से निकाला
अधिकारियों के मुताबिक, इस सेंटर में करीब 50 से 60 बच्चे रजिस्टर्ड हैं, जिनमें से 15-20 बच्चे रोज आते थे। अधिकारियों को पहले भी यहां बाल उत्पीड़न का शक था, लेकिन कोई सबूत नहीं मिल पा रहा था। इससे पहले भी एक कर्मचारी ने इसकी शिकायत सुपरवाइजर से की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा, आवाज उठाने वाले उस व्हिसलब्लोअर को नौकरी से निकाल दिया गया।
केयरगिवर्स पर केस मामला दर्ज, डेकेयर बंद
वीडियो सामने आने के बाद बाल हेल्पलाइन पर शिकायत की गई, जिसके तुरंत बाद बाल संरक्षण टीम ने पुलिस स्टेशन जाकर एफआईआर (FIR) दर्ज कराई। इस मामले में 5 केयरगिवर्स के खिलाफ पुलिस केस दर्ज किया गया है। इसके साथ ही मामले के सबूत और वीडियो ‘कर्नाटक राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग’ को सौंप दिए गए हैं।


