पंजाब-कठुआ बॉर्डर पर बाढ़ से सुरक्षा पक्की, रावी पर 54 इलेक्ट्रानिक बैरीगेट तैयार, अब नहीं बहेगा रेलवे पुल

कठुआ और पंजाब को जोड़ने वाले रावी दरिया पर बने पुलों को बाढ़ आने पर अब नुकसान नहीं पहुंचेगा। रावी पर बने सभी 54 बैरीगेट को इलेक्ट्रानिक कर दिया गया है। अब बाढ़ आने पर एक बटन दबाने पर सभी गेट खुल जाएंगे। जिससे पानी का बहाव लखनपुर की तरफ नहीं होगा।

बीते वर्ष यह गेट बाढ़ आने पर समय पर नहीं खुल पाए थे। जिसकी वजह से सारा पानी लखनपुर की तरफ आ गया और इसकी वजह से रेलवे पुल और आम वाहनों का पुल बाढ़ में बह गया। जबकि लखनपुर घर-घर से लेकर हाइवे पर पानी पहुंच गया। पशु पालन विभाग की इमारत तक ढह गई।

लखनपुर व्यापार मंडल के प्रधान सन्नी शर्मा का कहना है कि रावी दरिया पर इलेक्ट्रानिक बैरीगेट बन गए हैं। अब कभी बाढ़ आने या फिर पानी अधिक आने से बैरीगेट को खोला जाएगा। बीते वर्ष गेट न खुलने से भारी नुकसान झेलना पड़ा।

इलेक्ट्रानिक बैरीगेट से बदलेगी लखनपुर की तस्वीर

लगातार हम पंजाब सरकार और कठुआ जिला प्रशासन के साथ संपर्क में थे। दोनों तरफ से निरंतर प्रयास होने की वजह से अब पंजाब सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च किए और इसकी मदद से अब सभी बैरीगेट इलेक्ट्रानिक कर दिए गए हैं। जिससे आने वाली बरसातों में भी मदद मिलेगी।

इस नई व्यवस्था से न केवल बाढ़ के दौरान राहत मिलेगी, बल्कि इससे क्षेत्र के विकास में भी सहायता मिलेगी। स्थानीय निवासियों ने इस कदम का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे भविष्य में बाढ़ के कारण होने वाले नुकसान में कमी आएगी। प्रशासन का यह प्रयास निश्चित रूप से क्षेत्र के लोगों के लिए एक सकारात्मक बदलाव लाएगा।

इस प्रकार, रावी नदी पर इलेक्ट्रानिक बैरीगेट की स्थापना से बाढ़ प्रबंधन में सुधार होगा और स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी। यह कदम न केवल सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह क्षेत्र की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करेगा।

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