नारनौल में प्रधानमंत्री आवास योजना के 2400 घर अधूरे, किस्त के इंतजार में मुंह ताक रहीं अधूरी दीवारें

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गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिले में बने रहे सैकड़ों मकान आज भी अधूरे पड़े हैं। मकानों का निर्माण शुरू तो हो गया, लेकिन समय पर किस्तें नहीं मिलने के कारण लाभार्थियों के सपने अधर में लटक गए हैं। कई परिवार पिछले एक वर्ष से अधिक समय से अगली किस्त का इंतजार कर रहे हैं।

अब तक एक भी किस्त नहीं मिली

जानकारी के अनुसार, जिले में करीब 2400 मकान ऐसे हैं, जिनका निर्माण किस्तों के अभाव में पूरा नहीं हो पाया है। अकेले अटेली खंड में 142 मकान अधूरे पड़े हैं। लाभार्थियों का कहना है कि उन्होंने पहली किस्त मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिया था, लेकिन अगली किस्त नहीं मिलने से काम बीच में ही रुक गया। स्थिति यह है कि अटेली क्षेत्र में 11 लाभार्थी ऐसे हैं, जिन्हें अब तक एक भी किस्त प्राप्त नहीं हुई है।

किस्तों में देरी से परेशानी बढ़ती जा रही

वहीं, 32 लोगों को दो किस्तें मिल चुकी हैं, लेकिन तीसरी और अंतिम किस्त का इंतजार है। शेष लाभार्थियों को केवल पहली किस्त ही मिली है, जिसके बाद निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ सका।

कई परिवारों ने अधूरे मकानों की दीवारें खड़ी कर दीं, तो कुछ ने छत डालने की तैयारी कर ली थी। लेकिन आर्थिक तंगी के कारण वे अपने स्तर पर निर्माण पूरा कराने में सक्षम नहीं हैं।

नतीजतन, अधूरे मकान बारिश, धूप और समय की मार झेल रहे हैं। लाभार्थियों का कहना है कि योजना का उद्देश्य उन्हें सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना था, लेकिन किस्तों में देरी से उनकी परेशानी बढ़ती जा रही है।

कई परिवार देख रहे सपना

ग्रामीणों का कहना है कि समय पर राशि मिल जाए तो अधिकांश मकान कुछ ही महीनों में पूरे हो सकते हैं। लोगों ने सरकार से लंबित किस्तें जल्द जारी करने की मांग की है, ताकि वर्षों से अधूरे पड़े मकानों में वे अपने परिवार के साथ रह सकें।

इस संबंध में एसईपीओ पूर्ण सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना की किस्तें चंडीगढ़ स्तर से जारी की जाती हैं। स्थानीय स्तर पर किस्त जारी करने की व्यवस्था नहीं है।

जैसे ही उच्च स्तर से राशि जारी होगी, लाभार्थियों के खातों में किस्तें भेज दी जाएंगी। फिलहाल, अटेली सहित पूरे जिले में कई परिवार अपने अधूरे मकानों को पूरा होने की आस लगाए अगली किस्त का इंतजार कर रहे हैं।

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