आज बच गया, अगली बार दिखा तो गोली मार देंगे… कोयला माफिया के निशाने पर BCCL GM

 कोयला चोरी के खिलाफ कार्रवाई करना बीसीसीएल के कतरास क्षेत्र के महाप्रबंधक बीके झा को महंगा पड़ गया। कोयला चोरों के गिरोह से जुड़े गुर्गों ने महाप्रबंधक पर जानलेवा हमले की साजिश रची और उन्हें धमकी दी। हालांकि संयोगवश महाप्रबंधक बच गए। उन्होंने तेतुलमारी थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

जानकारी के अनुसार, शनिवार 13 जून की रात करीब आठ बजे एट लेन मार्ग पर शक्ति चौक से कुछ दूरी पर अपराधियों ने कतरास क्षेत्र के महाप्रबंधक के वाहन को रोककर हमला कर दिया। हालांकि उस वाहन में महाप्रबंधक सवार नहीं थे। उन्हें अपराधियों के प्लान का पहले ही पता चल गया था।

अपराधियों ने जीएम के चालक गोलू कुमार की पिटाई कर दी, जिससे उसे आंशिक चोटें आईं। घटना के बाद अपराधियों ने चालक को धमकी देते हुए कहा, साहब को बोल देना कि उड़ना कम करें, अन्यथा उसका परिणाम बुरा होगा। इसके बाद वे वहां से चले गए। घटना के बाद चालक ने इसकी जानकारी महाप्रबंधक सहित विभाग के अधिकारियों को दी।

इधर बुधवार शाम को महाप्रबंधक बी.के. झा ने तेतुलमारी थाना पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने शिकायत में कहा है कि वह क्षेत्रीय कार्यालय कतरास में थे, तभी कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा मार्ग अवरुद्ध किए जाने की सूचना मिली। इसके बाद उन्होंने सीआईएसएफ के सहायक कमांडेंट गोपाल भगत से सुरक्षा मुहैया कराने का अनुरोध किया। सुरक्षा मिलने के बाद वह अपनी कंपनी के वाहन को छोड़कर दूसरे वाहन से अपने धनबाद स्थित आवास के लिए रवाना हो गए। जबकि कंपनी के वाहन में चालक और एक सीआईएसएफ जवान सवार थे।

आरोप है कि शक्ति चौक से करीब एक किलोमीटर आगे चार-पांच स्कॉर्पियो पर सवार लोगों ने कंपनी के वाहन को रोक लिया और चालक के साथ बदसलूकी करने लगे। जब उन्हें वाहन में केवल चालक और सीआईएसएफ जवान मिले, तो वे महाप्रबंधक की दूसरी गाड़ी का पीछा करते हुए धनबाद के गोल बिल्डिंग तक पहुंच गए। वहां भी उन्हें नहीं मिलने पर चालक को धमकी दी-आज वह बच गया, लेकिन भविष्य में कांटा पहाड़ी पैच में हो रही कोयला चोरी रोकने का प्रयास किया तो उसे गोली मार दी जाएगी।

स्थानीय लोगों के अनुसार, मंगलवार देर शाम तेतुलमारी-गया पुल के समीप करीब छह काले रंग की स्कॉर्पियो खड़ी थीं, जिनमें सवार लोग रेकी कर रहे थे। लोगों का कहना है कि पुलिस यदि चौक-चौराहों पर लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच करे तो अपराधियों की पहचान हो सकती है।

जानकारों का कहना है कि धनबाद में कोयला चोरों का एक संगठित गिरोह सक्रिय है। इस गिरोह को पुलिस और राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होने का भी आरोप लगाया जाता रहा है। इसी कारण वे कोयला चोरी का विरोध करने वाले बीसीसीएल अधिकारियों से भी भिड़ने लगे हैं।

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