हरिद्वार: हरकी पैड़ी से बच्चा चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 4 माह की बच्ची सकुशल बरामद

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हरकी पैड़ी के विष्णु घाट से चोरी हुई संभल (उत्तर प्रदेश) के परिवार की चार महीने की मासूम बच्ची को पुलिस और एसओजी की टीम ने सकुशल बरामद कर लिया है।

पुलिस ने इस शातिर बच्चा चोर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एक दंपती समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

पूछताछ में एक हैरान कर देने वाला खुलासा हुआ है। इस गैंग को एक निसंतान दंपती को बेटा देने के बदले 3 लाख रुपये की डील मिली थी, लेकिन हड़बड़ी में वे लड़के की जगह लड़की चोरी कर बैठे। इसके बाद वे नया ग्राहक ढूंढने के चक्कर में दोबारा हरिद्वार आए और पुलिस के हत्थे चढ़ गए।

सो रहे परिवार के बीच से गायब हुई थी मासूम

शुक्रवार को एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि बीती 27 मई को संभल (उत्तर प्रदेश) निवासी पुष्पेंद्र अपने परिवार के साथ गंगा स्नान के लिए हरिद्वार आए थे। रात में पूरा परिवार विष्णुघाट के पास हाथी पुल के नीचे सो रहा था। सुबह जागने पर उनकी चार महीने की बेटी गायब थी, जिसके बाद हड़कंप मच गया।

बदला ‘जांच का एंगल’

चोरी का सटीक समय पता न होने के कारण पुलिस के सामने बड़ी चुनौती थी। पुलिस ने घटनास्थल के सीसीटीवी खंगाले, तो एक दंपती संदिग्ध लगा। वे पहले एक बच्चे के साथ घूम रहे थे, लेकिन अगले दिन रोडवेज बस में उनके पास दो बच्चे दिखे।

जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि यह दंपती धामपुर में उतरकर हावड़ा जाने वाली ट्रेन में बैठ गया था। पुलिस और एसओजी की टीमों ने धामपुर से हावड़ा के बीच पड़ने वाले 65 रेलवे स्टेशनों पर छानबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।

इसके बाद पुलिस ने अपनी रणनीति बदली और संदिग्धों की हरिद्वार में एंट्री और उनके स्थानीय ठिकानों की पड़ताल शुरू की।

ऐसे हुआ गिरोह का भंडाफोड़

जांच का एंगल बदलते ही पुलिस ब्रह्मपुरी क्षेत्र में झाड़-फूंक करने वाले एक बाबा तक पहुँची। पुलिस ने घेराबंदी कर सत्यपाल उर्फ बाबा, इटावा निवासी लाल बहादुर और उसकी पत्नी प्रीति रानी को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से चार महीने की बच्ची पूरी तरह सुरक्षित मिल गई।

बेटा समझकर उठा ले गए थे बेटी

आरोपितों ने कुबूल किया कि उनके एक परिचित निसंतान दंपती को बेटा चाहिए था, जिसके बदले उन्हें 3 लाख रुपये मिलने थे। इसी लालच में आकर उन्होंने 27 मई की रात सो रहे परिवार के बीच से बच्ची को उठा लिया।

जब उन्हें पता चला कि वह लड़की है, तो वे उसे अपने गांव ले गए। अब वे उस बच्ची को किसी अन्य व्यक्ति को बेचने के इरादे से वापस हरिद्वार लौटे थे, तभी दबोच लिए गए।

गिरफ्तार आरोपित

  • सत्यपाल उर्फ बाबा: निवासी सैदाबाद, कोतवाली लक्सर, हरिद्वार।
  • लाल बहादुर: निवासी नगरिया, थाना जसवंत नगर, जनपद इटावा (उत्तर प्रदेश)।
  • प्रीति रानी: (लाल बहादुर की पत्नी)।

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