सिविल कोर्ट धमदाहा के न्यायाधीश डॉ. शैलेश कुमार राम ने जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र संख्या-2 (बड़हरा कोठी) के चुनाव परिणाम को शून्य घोषित करते हुए महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।
न्यायालय ने निर्वाचन याचिका पर सुनवाई के बाद सरोज देवी को उक्त क्षेत्र का विधिवत निर्वाचित प्रतिनिधि घोषित कर दिया।
जानकारी के अनुसार, सरोज देवी ने चुनाव परिणाम को चुनौती देते हुए न्यायालय में निर्वाचन याचिका दायर की थी।
मामले की सुनवाई के दौरान विपक्षी प्रत्याशी जानी खातून की ओर से याचिका की पोषणीयता को लेकर कई आपत्तियां उठाई गईं।
हालांकि, अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने तथा उपलब्ध दस्तावेजों एवं साक्ष्यों की समीक्षा के बाद पाया कि विपक्षी पक्ष अपनी आपत्तियों को प्रमाणित करने में असफल रहा।
जाति प्रमाण पत्र था फर्जी
सुनवाई के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि जानी खातून द्वारा नामांकन के समय प्रस्तुत किया गया जाति प्रमाण पत्र फर्जी था। न्यायालय ने अपने आदेश में इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए कहा कि गलत एवं भ्रामक दस्तावेज के आधार पर चुनाव लड़ना निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता और पवित्रता के विपरीत है।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि निर्वाचन याचिका विधिसम्मत एवं पोषणीय है। चुनाव प्रक्रिया में अनियमितता और जालसाजी के आरोपों को गंभीर मानते हुए न्यायालय ने जिला परिषद क्षेत्र संख्या-2 का पूर्व चुनाव परिणाम निरस्त कर दिया तथा सरोज देवी को निर्वाचित घोषित कर दिया।
फैसले में न्यायालय ने पूर्णिया के जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि जानी खातून के विरुद्ध कथित जालसाजी एवं फर्जी जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के मामले में विधिसम्मत कार्रवाई प्रारंभ की जाए। साथ ही आदेश की प्रति तत्काल जिलाधिकारी को उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया गया है।
अदालत ने सुनाया फैसला
इस संबंध में सरोज देवी के अधिवक्ता दिलीप श्रीवास्तव ने बताया कि मामले में लंबे समय तक सुनवाई चली। दोनों पक्षों की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों, दस्तावेजों और कानूनी तर्कों पर विस्तृत विचार-विमर्श के बाद अदालत ने यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।
उन्होंने कहा कि न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जानी खातून की जीत को रद करते हुए सरोज देवी को जिला परिषद क्षेत्र संख्या-2 से विधिवत निर्वाचित घोषित किया है। अधिवक्ता ने इसे निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और कानून के शासन को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक निर्णय बताया।
न्यायालय के इस निर्णय के बाद जहां सरोज देवी के समर्थकों ने इसे सच्चाई की जीत बताते हुए जश्न मनाया। वहीं, विपक्षी खेमे में मायूसी छाई हुई है, इधर बड़हरा कोठी क्षेत्र की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।


