जिले में लगातार बढ़ रही गर्मी और तापमान में जारी उतार-चढ़ाव के बीच स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को खानपान के प्रति विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। चिकित्सकों का कहना है कि इस मौसम में तला-भुना, बासी और अधिक मसालेदार भोजन स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को बढ़ा सकता है।
खासकर बच्चों के खानपान पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कमजोर होने के कारण उनमें डायरिया और अन्य संक्रमण का खतरा अधिक रहता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, डायरिया सामान्य स्थिति में दो से चार दिनों के भीतर ठीक हो सकता है, लेकिन समय पर इलाज नहीं मिलने पर यह गंभीर रूप धारण कर जानलेवा भी साबित हो सकता है।
डायरिया के दौरान शरीर से लगातार पानी और आवश्यक लवण बाहर निकलते रहते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
इसका सबसे अधिक खतरा शिशुओं, छोटे बच्चों, कुपोषित बच्चों और कमजोर प्रतिरक्षा क्षमता वाले लोगों में होता है। अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. एसके सिन्हा ने बताया कि जागरूकता के अभाव में कई अभिभावक बच्चों को उल्टी-दस्त होने पर भोजन देना बंद कर देते हैं, जबकि ऐसा करना गलत है।
उन्होंने कहा कि डायरिया होने पर बच्चे का भोजन बंद नहीं करना चाहिए। उन्हें ओआरएस घोल, स्तनपान तथा अन्य तरल एवं सुपाच्य खाद्य पदार्थ नियमित रूप से देते रहना चाहिए, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।
उन्होंने बताया कि उल्टी-दस्त की शिकायत होने पर अभिभावक अपने नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या आंगनबाड़ी केंद्र से ओआरएस पैकेट और जिंक की दवा नि:शुल्क प्राप्त कर सकते हैं। समय पर ओआरएस और जिंक का सेवन बच्चों को डायरिया से होने वाली जटिलताओं से बचाने में मददगार साबित होता है।
स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध हैं दस्त नियंत्रण की सुविधाएं
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर दस्त नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए पर्याप्त मात्रा में ओआरएस पैकेट और जिंक की दवाएं उपलब्ध हैं। एएनएम, आशा कार्यकर्ता और स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर लोगों को दस्त के लक्षण, उपचार और बचाव के उपायों के प्रति जागरूक भी कर रहे हैं।
डायरिया के प्रमुख लक्षण
- 24 घंटे में तीन या उससे अधिक बार पानी जैसा दस्त होना
- दूषित भोजन या पानी से आंतों में संक्रमण होना
- शरीर में पानी की कमी महसूस होना
- कमजोरी, थकान और सुस्ती बढ़ना
- बार-बार प्यास लगना और मुंह सूखना
बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय
- अधिक से अधिक स्वच्छ तरल पदार्थ का सेवन करें
- ताजा, गर्म और स्वच्छ भोजन ही खाएं
- बच्चों को खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ न दें
- केवल स्वच्छ और सुरक्षित पानी का उपयोग करें
- दस्त शुरू होते ही ओआरएस घोल देना प्रारंभ करें
- भोजन से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ धोएं
- लक्षण गंभीर होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें
समय पर इलाज से बच सकती है जान
विशेषज्ञों का कहना है कि डायरिया को सामान्य बीमारी समझकर नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। यदि बच्चे या बुजुर्ग में लगातार दस्त, उल्टी, तेज कमजोरी या डिहाइड्रेशन के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए। समय पर उपचार और पर्याप्त तरल पदार्थ का सेवन गंभीर स्थिति से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।


