पश्चिम एशिया में जारी भीषण जंग और ताबड़तोड़ हमलों ने पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति व्यवस्था को तहस-नहस कर दिया है। कच्चे तेल के अंतरराष्ट्रीय बाजार में मचे इस भयंकर हाहाकार और चौतरफा मंदी के खतरों के बीच, भारतीय अर्थव्यवस्था को इस तबाही की आंच से बचाने के लिए सरकार ने एक अभूतपूर्व आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक की है।
न्यूज एजेंसी पीटीआई के हवाले से सामने आई खबर के मुताबिक, इस महा-संकट के दौरान देश के भीतर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आग लगने से रोकने के लिए केंद्र सरकार ने अपनी तिजोरी का मुंह खोल दिया।
आम जनता को महंगाई के इस जानलेवा झटके और चौतरफा मार से सुरक्षित रखने के लिए सरकार ने सीधे ₹1.23 लाख करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि देश की तेल कंपनियों के हवाले कर दी। इस आक्रामक और ताबड़तोड़ वित्तीय बैकअप के दम पर ही देश में लगातार 78 दिनों तक पेट्रोल-डीजल की कीमतों को बढ़ने से रोके रखा गया।
यह सिर्फ एक राहत पैकेज नहीं, बल्कि वैश्विक बाजार में मचे कोहराम के सामने देश के आम नागरिकों की जेब और देश की आर्थिक संप्रभुता को ढाल बनकर बचाने का सरकार का एक बेहद आक्रामक और साहसिक कदम है।


