फिल्मों का अमीर सेठ, हीरोइनों का खड़ूस बाप, आवाज से थर्राते थे हीरो; राज कपूर का वो ‘भाई’ जिसे सिनेमा ने भुलाया!

हिंदी सिनेमा में कपूर खानदान का रुतबा आज भी जारी है। ये रुतबा आज या कल से नहीं बल्कि कई दशकों से है। कपूर खानदान की जड़ें हिंदी सिनेमा में काफी पहले से हैं और यही वजह है कि कपूर खानदान के लोग आज भी सिनेमा में एक्टिंग कर रहे हैं।

पृथ्वीराज कपूर से शुरू हुआ कारवां आज रणबीर कपूर और करीना कपूर तक आ पहुंचा है, लेकिन इसी कपूर खानदान में एक ऐसा भी स्टार आया जिसके बारे में बहुत कम लोगों को पता है। कौन है वो फिल्मों का अमीर सेठ और हीरोइन का खड़ूस बाप, जिसकी एक आवाज से थर्रा उठते थे सिनेमाघर, आज कहानी उन्हीं की…

कौन थे राज कपूर के भाई पिंचू कपूर?

कपूर खानदान के जिस एक्टर की हम बात कर रहे हैं असल में वह पिंचू कपूर (Pinchoo Kapoor) थे। वही पिंचू कपूर जो असल में राज कपूर (Raj Kapoor) के भाई थे। पिंचू कपूर पृथ्वीराज कपूर के भतीजे और शोमैन राज कपूर, शम्मी कपूर और शशि कपूर के कजिन भाई (चचेरे भाई) थे। इसके बावजूद उन्होंने इंडस्ट्री में कभी इस नाम का सहारा नहीं लिया और खुद को एक स्वतंत्र कलाकार के रूप में स्थापित किया।

यही वजह है कि उन्होंने सिनेमा में कई फिल्में की, लेकिन यह बहुत कम लोगों को मालुम था कि वो असल में कपूर खानदान से ताल्लुक रखते हैं। पिंचू कपूर का जन्म 1927 में अविभाजित भारत के रावलपिंडी (अब पाकिस्तान में) में हुआ था। बाद में उनका परिवार भारत के जयपुर में आकर बस गया। उनका असली नाम लाल पुष्पेंद्र कपूर था। हालांकि लोग उन्हें पिंचू कपूर के नाम से जानते थे।

फिल्मों में बनाई पहचान

हिंदी सिनेमा के इतिहास में जब भी रौबीले और कड़क किरदारों की बात होती है, तो पिंचू कपूर का नाम बड़े सम्मान से लिया जाता है। अपनी कड़क आवाज, सूट-बूट वाली शानदार पर्सनालिटी और सधे हुए अभिनय के दम पर उन्होंने 70 और 80 के दशक की फिल्मों में एक गहरी छाप छोड़ी। सिनेमा में आने से पहले वो थिएटर किया करते थे।

थिएटर करने के बाद उन्हें लगा कि अब उन्हें सिनेमा में हाथ आजमाना चाहिए तो वो जयपुर से सीधा अपने भाईयों राज कपूर और शशि कपूर के पास आ गए। उन्होंने अपने करियर की शुरूआत 60 के दशक में की थी।

शुरूआत में वह यहूदी, हाउसहोल्डर और दो बूंद पानी जैसी फिल्मों में दिखे। हालांकि असली ब्रेक उन्हें साल 1973 में आई बॉबी से मिला। भाई राज कपूर की इस फिल्म में वह राज शर्मा (ऋषि कपूर के दोस्त के पिता) के किरदार में दिखे।

फिल्मों में मिलते थे अमीर सेठ के रोल

इसके बाद वह साल 1978 में डॉन में दिखे। इस फिल्म में उन्होंने इंटरपोल ऑफिसर आर.के. मलिक की बेहद अहम भूमिका निभाई थी। फिल्म का वो सीन आज भी याद किया जाता है जिसमें नकली बने अमिताभ बच्चन उन्हें पहचानते हैं।

इसके बाद वह अवतार (Avtaar), कर्ज (Karz), झूठा कहीं का, कामचोर, शराबी और हकीकत समेत कई फिल्मों में वह नजर आए। बड़ी बात यह है कि उन्हें ज्यादातर फिल्मों में अमीर सेठ के किरदार में देखा गया। जी हां, असल में जिंदगी में भी वह काफी ठसक में रहते थे। उनका परिवार रसूखदार था। वहीं फिल्मों में भी उन्हें इसी तरह के किरदार मिलते थे।

कभी वो हीरोइन के खड़ूस बाप बनते थे, तो कभी अमीरी का रुतबा दिखाते हुए नजर आते थे। जज, वकील, पुलिस कमिश्नर, अमीर बिजनेसमैन या कड़क पिता के किरदारों ने उन्हें अलग पहचान दिलाई।

उस दौर में जहां विलेन बहुत लाउड हुआ करते थे, पिंचू कपूर ने बड़े ही शांत और स्टाइलिश विलेन के तौर पर खुद को पेश किया, जो धोखे से जाल बुनते थे। इस तर से उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई थी। 28 अप्रैल 1989 को महज 62 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया।

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