पंजाब की पंथक राजनीति में सोमवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। दाखा से विधायक और वरिष्ठ अकाली नेता मनप्रीत सिंह अयाली ने अपनी नई राजनीतिक पारी शुरू करने का फैसला कर लिया है। वह कल अकाली दल (वारिस पंजाब दे) में औपचारिक रूप से शामिल होंगे। पार्टी के प्रवक्ता प्रगट सिंह मियांविंड ने इसकी पुष्टि की है।
अयाली के इस कदम को आगामी विधानसभा चुनावों से पहले पंजाब की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। मनप्रीत सिंह अयाली लंबे समय तक शिरोमणि अकाली दल (बादल) के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे हैं। बाद में उन्होंने शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत) का दामन थामा था, लेकिन संगठन के भीतर बढ़ते मतभेदों के चलते कुछ समय पहले सभी पदों से इस्तीफा देकर पार्टी से दूरी बना ली थी।
इस्तीफे के समय अयाली ने स्पष्ट कहा था कि वह कांग्रेस, आम आदमी पार्टी या भाजपा में शामिल नहीं होंगे, बल्कि पंथक राजनीति को आगे बढ़ाने के लिए काम करेंगे।
बयान के बाद मिले थे पार्टी जॉइन करने के संकेत
अयाली के इस बयान के बाद से ही उनके वारिस पंजाब दे के साथ जाने की चर्चाएं तेज हो गई थीं। राजनीतिक हलकों में यह भी माना जा रहा था कि सांसद अमृतपाल सिंह और उनके संगठन के प्रति अयाली का सकारात्मक रुख भविष्य के किसी राजनीतिक समीकरण का संकेत है। अब उनके पार्टी में शामिल होने के साथ इन अटकलों पर मुहर लग गई है।


