कैरी या पुदीना: चिलचिलाती गर्मी और ‘लू’ से बचाने में कौन सी चटनी है ज्यादा असरदार? जानें जवाब

जून के महीने में चिलचिलाती धूप और गर्म हवा के थपेड़े शरीर को बुरी तरह प्रभावित करते हैं। तेज धूप के कारण लू लगने और हीट स्ट्रेस का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। हालांकि, हमारे पारंपरिक खान-पान में इनसे बचने के कुछ फायदेमंद नुस्खे भी छिपे हैं।

इस मौसम में गर्मी के प्रकोप से शरीर को बचाने के लिए चटनी को खान-पान में शामिल किया जाता है। उस में भी कैरी और पुदीना की चटनी गर्मियों के सबसे ज्यादा खाई जाती हैं, लेकिन हीट स्ट्रेस से बचाने में इनमें से क्या ज्यादा फायदेमंद है? आइए जानें।

कैरी की चटनी

गर्मी के मौसम में ज्यादा पसीना निकलने के कारण डिहाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट इंबैलेंस की समस्या सबसे ज्यादा होती है। इस वजह से लू लगने का खतरा रहता है। ऐसे में कच्चे आम से बनी चटनी में काला नमक, भुना जीरा और नमक मिलाया जाता है, तो यह बेहतरीन इलोक्ट्रोलाइट सप्लीमेंट का काम करती है। यह शरीर से पानी की कमी को रोकती है और डिहाइड्रेशन का खतरा कम करती है।

साथ ही, कच्चा आम शरीर को तापमान को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसलिए गर्मी के मौसम में लू से बचने के लिए आम पन्ना या कैरी की चटनी काफी फायदेमंद साबित हो सकते हैं।

पुदीने की चटनी

धूप और गर्मी के कारण पाचन सुस्त पड़ सकता है, जिससे पेट में भारीपन, गैस और ब्लोटिंग की समस्या शुरू हो जाती है। पुदीने के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पेट को आराम देते हैं और मेंथॉल ठंडक का एहसास करवाता है। साथ ही,  पुदीना शरीर को अंदर से ठंडा रखता है और गर्मी से होने वाली बेचैनी को शांत करता है। पुदीने की चटनी में अगर दही, धनिया और नींबू का रस मिला दिया जाए, तो इसकी तासीर और ज्यादा ठंडी और फायदेमंद हो जाती है।

दोनों में से क्या है ज्यादा फायदेमंद?

अगर सीधे तौर पर लू और हीट स्ट्रेस से बचाव और डिहाइड्रेशन से लड़ने की बात की जाए, तो कैरी की चटनी का पलड़ा थोड़ा भारी रहता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि लू से बचने के लिए शरीर को सोडियम और मिनरल्स की जरूरत होती है, जो कैरी की चटनी से भरपूर मात्रा में मिलते हैं।

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि पुदीना फायदेमंद नहीं है। पेट की गर्मी को शांत करने और खाना पचाने के लिए पुदीने की चटनी बेस्ट है।

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