राजस्थान के शिक्षा विभाग और ऑफिसर्स की लापरवाही के चलते 10 लाख नई किताबें बेकार हो गई हैं। इसमें से कक्षा 7वीं की 5 लाख वहीं अन्य सभी कक्षाओं की मिलाकर 5 लाख बुक्स रद्दी हो गई हैं। शिक्षा विभाग की ओर से पिछले वर्ष ही इस वर्ष के सेशन के लिए एडवांस में किताबों को छपवा लिया गया जिसके चलते 7 करोड़ रुपये का नुकसान हो गया है।
इस सेशन से बदल गया कोर्स
इस बार राजस्थान बोर्ड में कोर्स को बदल दिया गया है। अब राज्य के स्कूलों में NCERT आधारित किताबों से पढ़ाई करवाई जाएगी।
नए सत्र की किताबों के साथ पुरानी किताबें वितरित होने से फूटा भांडा
राजस्थान में इस वर्ष 1 अप्रैल से नया सेशन लागू हो गया था। पूरे राज्य में पढ़ाई के लिए एनसीईआरटी आधारित बुक्स वितरित की जा रहीं हैं। इसी बीच नई किताबों के साथ ही पिछले साल की पुस्तकें भी वितरित हो गईं जिसके बाद अब शिक्षा विभाग एवं ऑफिसर की लापरवाही उजागर हुई है।
मंडल सचिव ने दी ये डिटेल
मंडल सचिव रंजिता गौतम की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक एक्सेस किताबें उनके आने से पहले की हैं। विभाग के आर्डर के अनुसार छपी होंगी। इस सत्र में हमने स्कूलों में 5 करोड़ नई किताबों की लगभग सप्लाई पूरी कर दी है। यह काम टाइमबाउंड हुआ है।


