लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और तेज धूप का असर अब लोगों की आंखों पर भी साफ दिखाई देने लगा है।
अस्पतालों और नेत्र रोग विशेषज्ञों के पास आंखों में जलन, सूखापन, लालिमा, खुजली और पानी आने की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। मेडिकल कालेज के नेत्र रोग विभाग की ओपीडी में 20 प्रतिशत मरीज बढ़ गए।
रोज पहुंच रहे 80-100 मरीज
ओपीडी में सामान्य रुद्रपुर से जहां 60-80 मरीज पहुंच रहे थे अब बढ़कर 80-100 तक पहुंच गई। अत्यधिक तापमान, गर्म हवाएं और धूलभरा वातावरण आंखों की प्राकृतिक नमी को प्रभावित कर रहा है, जिससे “ड्राई आई सिंड्रोम” के मामले बढ़ रहे हैं।
नेत्र विशेषज्ञ डा. उमाशंकर का कहना है कि गर्मी के मौसम में आंखों की सतह पर मौजूद टियर फिल्म तेजी से सूखने लगती है। इससे आंखों में चुभन, भारीपन और धुंधला दिखाई देने जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। लंबे समय तक मोबाइल, लैपटाप और टीवी स्क्रीन देखने से भी परेशानी और बढ़ रही है, क्योंकि स्क्रीन पर लगातार देखने से पलक झपकाने की प्रक्रिया कम हो जाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार दोपहर के समय तेज धूप और अल्ट्रावायलेट किरणों का सीधा प्रभाव आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे में बाहर निकलते समय यूवी प्रोटेक्शन वाले सनग्लास का उपयोग करना चाहिए। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, आंखों को बार-बार ठंडे पानी से धोना और धूलभरी जगहों से बचाव करना जरूरी है।
डॉक्टरों ने सलाह दी है कि आंखों में लगातार जलन या लालिमा रहने पर बिना चिकित्सकीय सलाह के आई ड्राप का इस्तेमाल न करें। समस्या बढ़ने पर तुरंत नेत्र रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें ताकि संक्रमण या अन्य गंभीर बीमारी से बचा जा सके।


