ओडिशा और मध्यप्रदेश में तरबूज खाने के बाद लोगों के बीमार होने की घटनाओं ने जम्मू में तरबूज के कारोबार को प्रभावित किया है। इस कारण लोग तरबूज खाने से परहेज करने लगे हैं, जिससे नरवाल मंडी में तरबूज के दाम तेजी से गिर गए हैं।
पहले थोक दाम 12-13 रुपये प्रति किलो थे, जो अब घटकर 5-6 रुपये तक पहुंच गए हैं। इस स्थिति ने जम्मू के किसानों की नींद उड़ा दी है, क्योंकि उनकी तरबूज की फसल तैयार है, लेकिन बाजार में उचित दाम नहीं मिल रहे।
व्यापारियों का कहना है कि देश में तरबूज से कोई जानें नहीं गईं, बल्कि अफवाहों ने लोगों में डर पैदा कर दिया है। मंडी में तरबूज की मांग में कमी आई है, जिससे दाम गिर गए हैं। वर्तमान में बाजार में तरबूज 20 रुपये प्रति किलो बिक रहा है, लेकिन ग्राहकों की संख्या बहुत कम है।
लोगों का डर दूर करने में लगे किसान
रेहड़ी-फड़ी वाले दुकानदार सकारात्मक भूमिका निभा रहे हैं और लोगों का भय दूर करने का प्रयास कर रहे हैं। जम्मू की मकवाल बेल्ट में 35 एकड़ भूमि पर तरबूज की खेती हो रही है, लेकिन किसानों को उचित दाम नहीं मिल रहे।
बख्शी दे कोठे गांव के किसान प्रदीप शर्मा का कहना है कि जम्मू का तरबूज साफ-सुथरा है, फिर भी कारोबार में मंदी छाई हुई है। यदि यह स्थिति बनी रही, तो किसान बड़े नुकसान में आ जाएंगे।


