कथित संत रामपाल ने सुरक्षा का हवाला दे मांगी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी की इजाजत, हिसार कोर्ट ने पुलिस से मांगा जवाब

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने देशद्रोह मामले में जमानत पर रिहा हुए सतलोक आश्रम संचालक रामपाल ने अदालत में भविष्य की पेशियों को लेकर एक अर्जी लगाई है।

रामपाल ने अधिवक्ता के माध्यम से अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जैस्मीन शर्मा की अदालत में अर्जी देकर आगामी तारीखों पर वीडियो कान्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से पेश होने की अनुमति मांगी है। अदालत ने इस पर पुलिस से 16 मई को जवाब मांगा है।

सतालोक आश्रम संचालक रामपाल और उसके समर्थकों के खिलाफ बरवाला स्थित सतलोक आश्रम में साल 2014 में हुई हिंसा और प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान विभिन्न गंभीर धाराओं में केस दर्ज किए गए थे।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई के दौरान आश्रम में टकराव हुआ था

उस समय पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई के दौरान आश्रम में टकराव हुआ था, जिसमें छह लोगों की मौत हुई थी और पुलिस-प्रशासन को भारी विरोध का सामना करना पड़ा था। उसके बाद रामपाल व अन्य के खिलाफ देशद्रोह समेत विभिन्न आपराधिक धाराओं में मामले दर्ज किए गए थे।

इस संबंध में रामपाल के अधिवक्ता महेंद्र सिंह नैन ने बताया कि अदालत में दायर अर्जी में सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए वीसी के माध्यम से अदालत में पेश होने की अनुमति देने की मांग की है। अदालत ने पुलिस से जवाब-तलब किया है।

हाल ही में रिहा हुआ है रामपाल

बता दें कि रामपाल लंबे समय तक जेल में रहने के बाद हाल ही में हाई कोर्ट से जमानत पर रिहा हुआ है। 16 मई को होने वाली सुनवाई पर पुलिस का पक्ष सुनने के बाद अदालत अपना फैसला देगी। पुलिस ने रामपाल को 19 नवंबर 2014 को गिरफ्तार किया था।

8 दिसंबर 2014 से न्यायिक हिरासत जेल में भेजा था। हाई कोर्ट ने आठ अप्रैल 2026 को रामपाल की नियमित जमानत याचिका स्वीकार की थी। रामपाल चार आपराधिक मामलों में जिला अदालत से बरी हो चुका है, जबकि हत्या के दो मामलों की मिली उम्रकैद की सजा को पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट ने निलंबित किया हुआ है।

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