शिमला शहर के एंट्री प्वाइंट्स पर मिलेगी पार्किंग स्लॉट की जानकारी, मोबाइल फोन से होगी बुकिंग; यहां लगेंगी स्क्रीन

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में बढ़ती वाहनों की संख्या और पार्किंग की समस्या से राहत दिलाने के लिए नगर निगम शिमला ने स्मार्ट पार्किंग व्यवस्था लागू करने की दिशा में कदम उठाया है। शिमला की पार्किंग व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए नगर निगम ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है।

इस परियोजना के तहत शिमला की 23 पार्किंग को स्मार्ट सिस्टम से जोड़ा जाएगा, जिससे लोगों को पार्किंग ढूंढने में होने वाली परेशानी काफी हद तक कम होगी। अभी तक दो ही पार्किंग में यह सुविधा है। पार्किंग के लिए बुकिंग मोबाइल फोन से होगी।

ये पार्किंग स्मार्ट प्रणाली से जोड़ीं

शिमला में फिलहाल टूटीकंडी और लिफ्ट पार्किंग को स्मार्ट पार्किंग प्रणाली से जोड़ा गया है। इन पार्किंग स्थलों में डिजिटल तकनीक के माध्यम से वाहनों की आवाजाही और खाली स्थान की जानकारी उपलब्ध करवाई जा रही है।

शहर के एंट्री प्वाइंट पर दिखेगी डिटेल

नगर निगम का उद्देश्य आने वाले समय में इसी सुविधा को शहर की अन्य प्रमुख पार्किंगों तक विस्तार देना है। राजधानी के हर एंट्री प्वाइंट पर अब खाली पार्किंग स्लाट की डिटेल दर्शाई जाएगी।

स्मार्ट पार्किंग व्यवस्था लागू होने के बाद वाहन चालकों को पार्किंग खोजने के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। इससे न केवल लोगों का समय बचेगा बल्कि शहर में यातायात जाम की समस्या को कम करने में भी मदद मिलेगी।

इन प्वाइंट पर लगेंगे डिस्पले बोर्ड

शिमला शहर के प्रमुख प्रवेश मार्गों पर डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड लगाने की योजना बनाई गई है। ये बोर्ड तारादेवी, ढली और टूटू में लगाए जाएंगे। इन स्क्रीन पर यह जानकारी दिखाई देगी कि शिमला की किस पार्किंग में कितनी गाड़ियां खड़ी हैं और कितनी पार्किंग खाली उपलब्ध है। इस सुविधा से बाहर से आने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों को काफी राहत मिलेगी। वाहन चालक शिमला शहर में प्रवेश करते ही यह तय कर सकेंगे कि उन्हें किस पार्किंग में वाहन खड़ा करना है। इससे अनावश्यक यातायात दबाव भी कम होगा।

एप पर मिलेगी स्मार्ट पार्किंग की लाइव जानकारी

नगर निगम शिमला एक मोबाइल एप भी लांच करने की तैयारी कर रहा है। इस एप के जरिये लोग अपने मोबाइल फोन पर ही शहर की सभी स्मार्ट पार्किंग की लाइव जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। एप में पार्किंग की उपलब्धता, शुल्क और लोकेशन जैसी सुविधाएं भी शामिल किए जाने की संभावना है।

क्या कहते हैं अधिकारी

नगर निगम के आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने कहा कि इसका टेंडर कर दिया है। इससे न केवल पार्किंग की जानकारी मिलेगी बल्कि तकनीक आधारित यह व्यवस्था लोगों के लिए सुविधाजनक साबित हो सकती है। नगर निगम को उम्मीद है कि इस परियोजना से शिमला को स्मार्ट सिटी बनाने के लक्ष्य की दिशा में भी मजबूती मिलेगी।

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