महिलाओं की सुरक्षा की जमीनी हकीकत जानने के लिए तेलंगाना की साहसी IPS अधिकारी बी. सुमति ने अनोखा और जोखिम भरा प्रयोग किया। मलकाजगिरी पुलिस कमिश्नर सुमति आधी रात के बाद अकेली बस स्टॉप पर अंडरकवर खड़ी रहीं और पुरुषों की मानसिकता का सीधा टेस्ट लिया।
रात 12:30 बजे से सुबह 3:30 बजे तक चले इस विशेष अभियान में उन्होंने कोई सुरक्षा गार्ड या पुलिस बल साथ नहीं रखा। सिविल ड्रेस में एक आम महिला की तरह मलकाजगिरी के बस स्टॉप पर खड़ी रहीं। इस दौरान करीब 40 पुरुष उनके पास आए। इनमें कई शराब या गांजे के नशे में थे, जबकि युवा और छात्र भी शामिल थे।
जेल नहीं, काउंसलिंग और चेतावनी
पुलिस ने बाद में सभी व्यक्तियों की पहचान कर ली, लेकिन सुमति ने उन्हें जेल भेजने के बजाय काउंसलिंग का रास्ता चुना। सभी को बुलाकर उनकी मानसिकता पर सख्त चेतावनी दी गई और उन्हें महिलाओं के सम्मान व सुरक्षा के प्रति संवेदनशील बनाने की कोशिश की गई।
पुलिस का कहना है कि उद्देश्य सजा देने से ज्यादा समाज में व्यवहार परिवर्तन लाना है। यह पहली बार नहीं है जब बी. सुमति ने ऐसा साहसिक कदम उठाया हो। करीब 25 साल पहले, जब वे काजीपेट रेलवे स्टेशन के पास DSP के रूप में तैनात थीं, तब भी उन्होंने इसी तरह का अंडरकवर ऑपरेशन किया था।
कौन हैं IPS बी. सुमति?
बी. सुमति तेलंगाना कैडर की वरिष्ठ और अनुभवी IPS अधिकारी हैं। उन्होंने 1 मई को मलकाजगिरी पुलिस कमिश्नर का पदभार संभाला और वह इस पद पर नियुक्त होने वाली पहली महिला कमिश्नर हैं। 2001 बैच की DSP के रूप में करियर शुरू किया। जिसके बाद 2006 में IPS पद मिला था।
राज्य खुफिया ब्यूरो (SIB) की प्रमुख रह चुकी हैं। जो माओवादियों के खिलाफ अभियानों में अग्रणी भूमिका निभाई। पिछले दो वर्षों में 591 माओवादी नेताओं और कार्यकर्ताओं के आत्मसमर्पण में महत्वपूर्ण योगदान दी थी।
काउंटर इंटेलिजेंस सेल में अंडरकवर ऑपरेशंस को अंजाम दिया है। सीआईडी महिला सुरक्षा सेल में DIG के रूप में भी काम किया। पुलिसिंग में AI आधारित सुधारों को बढ़ावा देने के लिए जानी जाती हैं।
सुमति अपनी सख्त और इनोवेटिव पुलिसिंग शैली के लिए पूरे तेलंगाना में चर्चित हैं। महिलाओं की सुरक्षा और जमीनी स्तर पर बदलाव लाने की उनकी यह पहल एक बार फिर सुर्खियों में है।


