समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खां के खिलाफ डीएम को लेकर दिए आपत्तिजनक बयान का मामला फैसले के करीब पहुंच गया है। पत्रावली पर शुक्रवार को अंतिम बहस होनी है। अभियोजन की बहस पूरी हो चुकी है। आजम खां के अधिवक्ता की ओर से भी बहस होनी है। बहस पूरी होने के बाद पत्रावली निर्णय पर आ जाएगी।
यह मामला वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव का है। आजम खां पहली बार लोकसभा चुनाव लड़े थे। तब सपा और बसपा का गठबंधन था। रामपुर लोकसभा सीट सपा को मिली थी।
चुनाव प्रचार के दौरान आजम खां ने कई बार विवादित बयानबाजी की थी। उनके खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में कई मुकदमे आचार संहिता उल्लंघन के दर्ज हुए थे। चुनाव आयोग ने उनके प्रचार पर भी रोक लगा दी थी। इनमें ही एक मुकदमा थाना भोट में दर्ज हुआ था।दरअसल, आजम खां का एक वीडियो प्रसारित हुआ था, जिसमें वह वाहन पर खड़े होकर माइक से बोल रहे थे और लोग उनके वाहन के चारों ओर खड़े उन्हें सुन रहे थे। उन्होंने कहा था कि डटे रहो। यह कलक्टर पलक्टर से मत डरियो। यह तनखइया हैं। तनखइयों से नहीं डरते हैं। देखे हैं मायावती जी के फोटो। कैसे बड़े-बड़े अफसर रुमाल निकालकर जूते साफ करते हैं। उन्हीं से गठबंधन है। उनके ही जूते साफ कराऊंगा इनसे अल्लाह ने चाहा।
पुलिस ने जांच कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया था। मुकदमे की सुनवाई एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) में चल रही है।


