सरकार ने दी श्रमिकों को सम्मान और सुरक्षा की गारंटी, मेहनतकशों के संघर्ष ने दिलाया हक

आज अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस है। भले ही आधुनिक युग में कितने भी स्मार्ट हो जाएं, लेकिन श्रमिकों के बिना न तो गगनचुंबी इमारतें, चमचमाती सड़कें और न चकाचौंध भरी दुनिया। मजदूर ही देश की असल रीढ़ हैं।

कड़कड़ाती ठंड, भीषण गर्मी और मेहनत से राष्ट्र का निर्माण करते हैं। मेहनतकश मजदूरों के संघर्ष ने श्रमिकों को उनका हक दिलाया और सरकार ने विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सम्मान और सुरक्षा की गारंटी दी।

3 हजार मासिक पेंशन का लाभ मिलता है

गाजियाबाद जिले में 3,37,801 निर्माण श्रमिक पंजीकृत हैं, जबकि ई-श्रम पोर्टल पर प्रारंभ से अब तक 9,59,034 असंगठित श्रमिकों का पंजीकरण किया जा चुका है। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए केंद्र सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन पेंशन योजना के तहत 18 से 40 वर्ष आयु के श्रमिकों को 60 वर्ष की आयु के बाद तीन हजार रुपये मासिक पेंशन का लाभ मिलता है। योजना में अभी तक जिले के 10,555 श्रमिक पंजीकृत हैं।

वहीं, उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा निर्माण श्रमिकों के लिए कन्या विवाह सहायता, मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद, संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन, मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता, आपदा राहत, अटल आवासीय विद्यालय और डॉ. भीमराव अंबेडकर श्रमिक सुविधा केंद्र जैसी योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

1,68,624 श्रमिकों को किया जा चुका लाभांवित

इन योजनाओं के अंतर्गत अभी तक 1,68,624 श्रमिकों को लाभांवित किया जा चुका है। श्रमिक दिवस पर जिले में 92 निर्माण श्रमिकों की पुत्रियों का सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को जमीन पर प्रभावी रूप से लागू करने का माध्यम बन रहे हैं।

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