बोकारो में LPG का कृत्रिम संकट, 19 हजार से अधिक बुकिंग पेडिंग

ईरान युद्ध की आशंका के बीच देशभर में रसोई गैस की किल्लत की चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, वास्तविक कारण से अधिक लोगों में घबराहट और भविष्य की चिंता देखने को मिल रही है। इसी वजह से लोग एहतियात के तौर पर रसोई गैस का अतिरिक्त स्टॉक जमा करने में जुट गए हैं।

इसका असर बोकारो में साफ दिखाई दे रहा है, जहां रसोई गैस की किल्लत लगातार बढ़ती जा रही है। स्थिति यह है कि पहले जहां प्रतिदिन लगभग 6500 घरेलू गैस सिलिंडरों की जरूरत पड़ती थी, वहीं अब मांग अचानक बढ़ गई है। वर्तमान में करीब 19 हजार से अधिक बुकिंग लंबित हो चुकी हैं।

नतीजतन हजारों उपभोक्ताओं को गैस मिलने में देरी हो रही है और लोगों को सिलिंडर के लिए कई-कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। बोकारो जिले में कुल 3,66,172 एलपीजी उपभोक्ता हैं, जिनमें से लगभग 2.19 लाख लाभुक प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत जुड़े हुए हैं।

इतनी बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के कारण गैस आपूर्ति पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। पहले प्रतिदिन औसतन इंडेन गैस के लगभग 4000 घरेलू सिलिंडर, एचपी गैस के करीब 2100 सिलिंडर और भारत गैस के करीब 300 सिलिंडर की आपूर्ति से काम चल जाता था। लेकिन मौजूदा हालात में बुकिंग का आंकड़ा तेजी से बढ़ गया है।

वर्तमान में इंडेन गैस की करीब 12 हजार बुकिंग लंबित बताई जा रही है, जबकि एचपी गैस के लगभग 5500 उपभोक्ता सिलिंडर का इंतजार कर रहे हैं।

भारत गैस के करीब 700 उपभोक्ताओं की बुकिंग भी पेंडिंग बताई जा रही है। इस स्थिति के कारण कई घरों में रसोई का काम प्रभावित हो रहा है और लोग वैकल्पिक व्यवस्था करने को मजबूर हो रहे हैं।

बुकिंग सिस्टम की समस्या से बढ़ी परेशानी

गैस संकट के बीच उपभोक्ताओं की परेशानी इस कारण भी बढ़ गई है कि बुकिंग व्यवस्था भी ठीक तरह से काम नहीं कर रही है। तेल कंपनियों की ओर से गैस बुकिंग के लिए फिलहाल छह अलग-अलग माध्यम उपलब्ध कराए गए हैं, लेकिन उपभोक्ताओं का कहना है कि अधिकतर समय इनका सर्वर डाउन रहता है।

कई लोग दिन भर मोबाइल या ऑनलाइन माध्यम से बुकिंग करने का प्रयास करते रहते हैं, लेकिन सफल नहीं हो पाते। ऐसे में जिन उपभोक्ताओं की बुकिंग किसी तरह हो जाती है, वे खुद को सौभाग्यशाली मान रहे हैं। एजेंसियों के अनुसार बुकिंग की संख्या अचानक बढ़ने से सर्वर पर दबाव बढ़ गया है, जिसके कारण तकनीकी समस्या सामने आ रही है।

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