सोनीपत की खरखौदा मंडी में 3 लाख बोरियों में भरा गेहूं भीगा, आढ़तियों पर आई आफत

 जिले में मौसम के बदले मिजाज ने लोगों और आढ़तियों को गहरी चोट पहुंचाई है। एक ओर जहां भीषण गर्मी और उमस के बीच रातभर बिजली की अघोषित कटौती ने उपभोक्ताओं को पसीने से तरबतर रखा, वहीं दूसरी ओर बेमौसमी वर्षा ने खरखौदा अनाज मंडी में खुले में पड़े लाखों बोरी गेहूं को भिगो दिया। बिजली निगम की चरमराई व्यवस्था और उठान में देरी के चलते आढ़तियों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। वहीं, शिकायत केंद्रों पर शिकायतों का तांता लगा रहा, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला।

ट्रांसफार्मर पर बढ़ा लोड

पिछले कई दिनों से पारा चढ़ने के कारण रातें तपने लगी हैं। मंगलवार रात अघोषित कटों ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया। शहर के आधे से ज्यादा हिस्से में पूरी रात बिजली आती-जाती रही। उमस के कारण घरों में लगे इनवर्टर भी जवाब दे गए, जिससे बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक पीड़ा झेलनी पड़ी। भीषण गर्मी के चलते एसी और कूलर का लोड बढ़ने से ट्रांसफार्मर हांफ रहे हैं।

लापरवाही को लेकर जनता में गहरा रोष

इससे आए दिन फाल्ट और जंपर उड़ने की समस्याएं सामने आ रही हैं।उपभोक्ताओं ने बताया कि बिजली न केवल कटी, बल्कि कई बार लो-वोल्टेज की समस्या भी रही। इससे बिजली उपकरणों के खराब होने का डर बना रहा। शिकायत केंद्रों पर करीब 500 से अधिक काल पहुंची, लेकिन उपभोक्ताओं का आरोप है कि वहां से कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। बिजली निगम की लापरवाही को लेकर जनता में गहरा रोष है।

खरखौदा मंडी में भीग गया गेहूं

खरखौदा अनाज मंडी में उठान की धीमी गति ने किसानों और आढ़तियों की मेहनत पर पानी फेर दिया। रात को हुई वर्षा से करीब तीन लाख बैग गेहूं भीग गया है।

आढ़तियों का दावा है कि यदि खरीद एजेंसियां और ट्रांसपोर्टर समय पर ट्रकों की व्यवस्था करते, तो यह नुकसान नहीं होता। मंडी में पड़े भीगे गेहूं की बोरियों को अब दोबारा खोलना होगा, गेहूं सुखाना होगा और फिर से भराई करनी होगी। इस पूरी प्रक्रिया में मजदूरी और समय का अतिरिक्त खर्च आढ़तियों को ही वहन करना पड़ेगा।

अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान नरेश दहिया ने बताया कि प्रशासन से बार-बार उठान तेज करने और मंडी के अधूरे शेड को पूरा करने की मांग की गई थी, लेकिन अधिकारियों ने केवल आश्वासन दिए। समय पर ट्रांसपोर्ट न मिलने का खामियाजा आज आढ़ती भुगत रहे हैं।

तेज हवाओं संग वर्षा से मिली राहत

भीषण गर्मी और लू से जूझ रहे लोगों को बुधवार को राहत मिली, जब देर रात तेज हवाओं के साथ वर्षा हुई और दोपहर तक बादलों ने मौसम सुहावना बनाए रखा। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से न्यूनतम तापमान में करीब छह डिग्री और अधिकतम में चार डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।

मंगलवार का अधिकतम तापमान 42 डिग्री से घटकर 38 डिग्री और न्यूनतम 27 से 21 डिग्री पर आ गया। मौसम विभाग के अनुसार बृहस्पतिवार को भी हल्की बूंदाबांदी और तेज हवाओं के आसार हैं, जबकि पांच मई तक मौसम में बदलाव जारी रहेगा।

मौसम में आए बदलाव से किसानों को राहत मिली है, खासकर हरे चारे, ज्वार और मक्का की फसलों को फायदा हुआ है। खेतों में नमी बढ़ने से सिंचाई खर्च भी कम होगा। हालांकि, इसके बाद फिर गर्मी बढ़ने की संभावना है।

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