यदि आप तारों का अवलोकन करना चाहते हैं, तो मई महीने के दूसरे पखवाड़े में लद्दाख अवश्य आएं। केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने देश-विदेश के पर्यटकों को यह निमंत्रण दिया है।
लद्दाख में इस समय एस्ट्रो टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में पर्यटन विभाग द्वारा 20 से 26 मई तक लद्दाख एस्ट्रो सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। अपने लद्दाख दौरे के दौरान, मंत्री ने पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों का जायजा लिया और लेह के छिलिंग में एडवेंचर मोटरसाइकलिंग का आनंद लिया।
20 से 26 मई तक लद्दाख एस्ट्रो सप्ताह
लेह के हानले में खगोल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 4500 मीटर की ऊंचाई पर खगोलीय वेधशाला में आधुनिक दूरबीनें स्थापित की गई हैं। हानले को डार्क स्काई रिजर्व बनाने के साथ-साथ स्थानीय निवासियों को होम स्टे बनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लद्दाख एस्ट्रो पर्यटन के वैश्विक केंद्र के रूप में उभरेगा। उन्होंने इस अनूठे आयोजन में भाग लेने के लिए लोगों को लेह आने का निमंत्रण दिया। 20 से 26 मई तक आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में स्टारगेज़िंग, एस्ट्रोफोटोग्राफी और विशेषज्ञों द्वारा संचालित सत्र शामिल होंगे।
लद्दाख में प्रतिभागियों को ब्रह्मांड को करीब से देखने का दुर्लभ अवसर मिलेगा। सरकार का उद्देश्य इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से लद्दाख को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाना है।
क्यों खास है हानले
पूर्वी लद्दाख में स्थित हानले, एक बेहद खूबसूरत और रिमोट गांव है। यह समुद्र तल से लगभग 4,500 मीटर की ऊंचाई पर भारत-तिब्बत सीमा के पास बसा है। यह अपनी साफ रातों, भारतीय खगोलीय वेधशाला (विश्व की दूसरी सबसे ऊंची) और हानले डार्क स्काई रिजर्व के लिए प्रसिद्ध है, जो इसे तारों को निहारने (Stargazing) के लिए भारत की सर्वश्रेष्ठ जगह बनाता है।


