विकास कार्यों को गति देने व जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर मंगलवार को विकास भवन के गांधी सभागार में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित हुई। जनप्रतिनिधियों ने सभी विभागों से जुड़े मामलों को प्रमुखता से उठाया।
शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती व धन जमा होने के बाद भी सात राजकीय नलकूपों को दो वर्ष बाद भी बिजली कनेक्शन नहीं दिए जाने पर जनप्रतिनिधियों ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई। जल्द कनेक्शन देने, शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
सांसद देवरिया शशांक मणि की अध्यक्षता में बैठक सुबह करीब 11.30 बजे शुरू हुई, जो दोपहर करीब दो बजे तक चली। सलेमपुर सांसद रमाशंकर राजभर ने सलेमपुर के बरसीपार में राजकीय कन्या इंटर कालेज भवन करीब 10 वर्षों बाद भी हैंडओवर नहीं होने का मुद्दा उठाया। विधायक रामपुर कारखाना सुरेंद्र चौरसिया ने मलघोट बिरैचा से गुजरी ड्रेन की सफाई नहीं होने नाराजगी जाहिर की।
गेहूं खरीद की प्रगति पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने जानकारी ली। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि जिले में संचालित 107 क्रय केंद्रों के माध्यम से अब तक करीब छह हजार टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। भंडारण के लिए 763 गांठ बोरा उपलब्ध हैं, जबकि 150 गांठ बोरा टेंडर के माध्यम से जल्द प्राप्त होंगे। इससे कुल 25 हजार टन गेहूं के भंडारण की व्यवस्था सुनिश्चित हो रही है।
उन्होंने गेहूं खरीद में तेजी लाने व सभी किसानों से गेहूं खरीदने का निर्देश दिया। गोआश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। कृषि मंत्री ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि सभी आश्रय स्थलों पर पशुओं के लिए पेयजल, भूसा-चारा, तिरपाल, पंखा सहित जरूरी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखी जाएं। गर्मी के मौसम में पशुओं की देखभाल में किसी प्रकार की कमी न रहने देने पर जोर दिया गया।
जनप्रतिनिधियों ने छोटी गंडक नदी किनारे अवैध रूप से खनन किए जाने का मुद्दा उठाया। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से बनी देवरिया-बेलडाड़ मार्ग एक तरफ टूटने का मुद्दा भी उठा। आरईडी के अधिशासी अभियंता सूर्यप्रकाश ने बताया कि सोनूघाट-बरहज मार्ग टूटने के कारण इस ग्रामीण सड़क पर भारी वाहनों का लोड अचानक कई गुणा बढ़ गया है। जिससे सड़क टूट रही है। इसे लोक निर्माण विभाग को हैंडओवर करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
बैठक में मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति विद्युतीकरण योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, आयुष्मान भारत, समग्र शिक्षा व डिजिटल इंडिया पब्लिक इंटरनेट एक्सेस प्रोग्राम (सीएससी) समेत अन्य योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही हाईवे व रेलवे परियोजनाओं की स्थिति की भी समीक्षा की गई। सांसद शशांक मणि ने कहा कि योजनाओं का लाभ समयबद्ध व पारदर्शी तरीके से पात्रों तक पहुंचाना सुनिश्चित कराएं। उन्होंने गुणवत्ता के साथ योजनाओं को धरातल पर उतारने व किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
डीएम दिव्या मित्तल ने बैठक में दिए गए निर्देशों का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करने व नियमित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश मातहत अधिकारियों को दिए। इस मौके पर विधायक सभाकुंवर कुशवाहा, जिला पंचायत अध्यक्ष पं.गिरीश चंद्र तिवारी, सीडीओ राजेश कुमार सिंह, एसपी अभिजीत आर शंकर, डीडीओ सुशील कुमार सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, अंगद तिवारी, नवीन सिंह, राजू मणि, पीडी अनिल कुमार आदि मौजूद रहे।
कई जनप्रतिनिधि बैठक में नहीं हुए शामिल
दिशा की बैठक में न तो राज्य मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम शामिल हुईं और न ही सदर विधायक डा.शलभ मणि त्रिपाठी, बरहज विधायक दीपक मिश्र शाका व रुद्रपुर विधायक जयप्रकाश निषाद। इसके अलावा एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह, एमएलसी डा.रतनपाल सिंह व शिक्षक एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी भी बैठक में नहीं पहुंचे। इसको लेकर भी राजनीतिक व प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का माहौल रहा।


