मिडिल-ईस्ट संकट के बीच बहरीन और सऊदी अरब में होने वाला ग्रैंड प्रिक्स हुआ रद, F1 को इससे कितना होगा नुकसान?

 अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध का असर अब खेल आयोजनों पर दिखने लगा है। फॉर्मूला 1 (F1) ने मिडिल ईस्ट में चल रहे संकट के कारण बहरीन और सऊदी अरब के ग्रैंड प्रिक्स को रद कर दिया है। यह फैसला सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। बहरीन का रेस 10-12 अप्रैल को सकीर सर्किट पर होना था। इसके बाद सऊदी अरब के जेदाह में एक सप्ताह बाद यानी 17-19 अप्रैल को होना था।

F1 के अध्यक्ष और सीईओ स्टीफनो डोमेनिकाली ने कहा कि यह मुश्किल निर्णय था, लेकिन मौजूदा हालात में यह सही कदम है। उन्होंने FIA और प्रमोटर्स का शुक्रिया अदा किया, जो इन रेस को लेकर काफी उत्साहित थे। बहरीन इंटरनेशनल सर्किट के चीफ एग्जीक्यूटिव शेख सलमान बिन ने भी F1 और FIA के फैसले का समर्थन किया और कहा कि वे जल्द से जल्द फैंस को वापस स्वागत करने के लिए तैयार हैं।

सीजन अब 22 रेस का होगा

इन दोनों रेस को रीशेड्यूल या किसी दूसरी जगह शिफ्ट नहीं किया जाएगा। इसलिए 2026 का F1 सीजन 24 की बजाय सिर्फ 22 रेस का रह जाएगा। जापान ग्रैंड प्रिक्स (27-29 मार्च) के बाद अब अगला रेस मियामी में 1-3 मई को होगा, यानी करीब पांच हफ्तों का बड़ा गैप आएगा। F1 ने वैकल्पिक जगहों जैसे पुर्तगाल का पोर्टिमाओ, इटली का इमोला, तुर्की का इस्तांबुल या जापान में दूसरी रेस पर विचार किया था, लेकिन शॉर्ट नोटिस पर टिकट बेचना, होस्टिंग फीस और टीम मेंबर्स की थकान जैसी वजहों से ये प्लान छोड़ दिए गए।

F1 को नुकसान कितना होगा?

बहरीन और सऊदी अरब F1 के सबसे बड़े होस्टिंग फीस देने वाले देशों में से हैं। इस रेस के रद होने से F1 को कम से कम 100 मिलियन पाउंड (करीब 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा) का कमर्शियल नुकसान होगा। यह रकम F1 और 11 टीमों के बीच बंटती है। इसके अलावा, पहले से ही संघर्ष की वजह से ऑस्ट्रेलिया ग्रैंड प्रिक्स के लिए कई टीमों, मीडिया और स्टाफ को यात्रा में दिक्कत हुई थी, क्योंकि मिडिल ईस्ट के एयरस्पेस बंद हो गए थे।

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