सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने हिमाचल प्रदेश के मंडी शहर के कांगणी में 152 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अत्याधुनिक न्यायिक परिसर की आधारशिला रखी। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू सहित हाई कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर, न्यायमूर्ति अनूप चितकारा, न्यायमूर्ति संदीप शर्मा सहित कई न्यायाधीश और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
आठ ब्लाक बनेंगे
करीब 120 बीघा भूमि पर प्रस्तावित इस आधुनिक न्यायिक परिसर के निर्माण पर लगभग 152 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। परिसर में दो से चार मंजिला आठ अलग-अलग ब्लाक बनेंगे। इनमें अत्याधुनिक अदालत कक्ष, वकीलों के लिए कार्यालय, रिकार्ड रूम और प्रशासनिक कार्यालय की सुविधा उपलब्ध होगी।
आधुनिक सभागार सहित पार्किंग सुविधा मिलेगी
इसके अलावा परिसर में आधुनिक सभागार (आडिटोरियम), कैंटीन और डिजिटल तकनीक से लैस रिकार्ड रूम भी तैयार किया जाएगा, ताकि न्यायिक दस्तावेजों का सुरक्षित और व्यवस्थित रखरखाव सुनिश्चित किया जा सके। परिसर में पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था भी होगी, जहां एक साथ सैकड़ों वाहन खड़े किए जा सकेंगे।
नए न्यायिक परिसर के निर्माण से न केवल वकीलों और न्यायिक अधिकारियों को बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा, बल्कि वादियों और आम लोगों को भी न्यायिक सेवाएं एक ही परिसर में सुलभ हो सकेंगी। वर्तमान में जिला एवं सत्र न्यायालय का कामकाज शहर के मध्य स्थित पुराने परिसर से संचालित हो रहा है, जहां स्थान की कमी के कारण कई प्रकार की दिक्कतें सामने आती हैं।
विधिक साक्षरता शिविर
शिलान्यास समारोह के बाद संस्कृति सदन कांगणी में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसमें नागरिकों को मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया जाएगा।


