सीमावर्ती आरएसपुरा के बाल सुधार गृह में हुई हिंसक वारदात के बाद जारी जांच में कई चौंकाने वाले राजफाश हो रहे हैं। पुलिस ने मंगलवार रात को सुचेतगढ़ (जम्मू) के रहने वाले राहुल उर्फ लट्टू को हिरासत में लिया है। सूत्रों के अनुसार, राहुल घटना वाले दिन करणजीत सिंह उर्फ गुग्गा से मिलने बाल सुधार गृह गया था।
उसे कोटली अर्जुन सिंह क्षेत्र में स्थित श्मशान घाट में छिपाकर रखे गए देसी कट्टे को निकालकर गुग्गा तक पहुंचाने के लिए कहा गया था। आरोप है कि राहुल ने ही देसी कट्टा करणजीत तक पहुंचाया। इसके बाद गुग्गा व दो अन्य पाकिस्तानी नागरिक फायरिंग व पुलिस पर हमला कर फरार हो गए थे।
अंबाला कैंट से हुए आरोपी गिरफ्तार
हालांकि दोनों पाकिस्तानी नागरिक मंगलवार को अंबाला कैंट से गिरफ्तार कर लिए गए थे, जबकि आरएसपुरा का रहने वाला गैंगस्टर व इस मामले का मास्टरमाइंड गुग्गा अभी फरार है। उसकी कई राज्यों में तलाश की जा रही है। इस बीच, सूत्रों ने दावा किया है कि इस पूरे मामले की आगे की जांच पुलिस के एसओजी (स्पेशल ऑपरेशनल ग्रुप) को दी गई है।
अंबाला से पकड़े गए दोनों पाकिस्तानी नागरिकों सना उल्लाह और अहसान अनवर का बुधवार कड़ी सुरक्षा के बीच उपजिला अस्पताल, आरएसपुरा में मेडिकल करवाया गया। बाद में उन्हें थाने लाकर एसएसपी जम्मू सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने लंबी पूछताछ की।
पूरा षड्यंत्र गुग्गा ने रचा था
सूत्रों के अनुसार, पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि बाल सुधार गृह से फरार होने की पहले से तैयारी थी। पूरा षड्यंत्र गुग्गा ने रचा था। उसने दोनों पाकिस्तानियों को भरोसा दिलाया था कि फरार होने के बाद वह उन्हें नेपाल बॉर्डर तक छोड़ देगा, जहां से वे पाकिस्तान पहुंच जाएंगे।
लेकिन पंजाब पहुंचने के बाद गुग्गा उन्हें छोड़कर खुद फरार हो गया। पुलिस अब यह भी खंगाल रही है कि पंजाब और अंबाला तक पहुंचने के लिए टैक्सी व अन्य खर्च के लिए पैसा कहां से आया और किन-किन लोगों ने इसमें मदद की।


