‘बीमारू’ से ‘ग्रोथ इंजन’ तक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गढ़ा विकास का नया नैरेटिव

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 प्रदेश सरकार ने विधानमंडल के दोनों सदनों में वित्तीय वर्ष 2026-26 का बजट पेश करने के बाद बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेस कान्फ्रेंस में इसे “नए उत्तर प्रदेश का विजन डाक्यूमेंट” करार दिया। कहा कि जो राज्य कभी ‘बीमारू’ की श्रेणी में गिना जाता था, आज वही देश की अर्थव्यवस्था का ‘ग्रोथ इंजन’ बनकर उभरा है।

मुख्यमंत्री ने इसे “विकसित भारत-2047” की दिशा में निर्णायक कदम बताते हुए कहा कि यह बजट जन आकांक्षाओं, निवेश विस्तार और रोजगार सृजन की नई पटकथा लिखेगा। गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) मिशन तक इस बजट में विकास और टेक्नोलाजी का संगम है। मुख्यमंत्री के रवैये से स्पष्ट है कि यह बजट केवल वित्तीय दस्तावेज नहीं, बल्कि विकास के नैरेटिव के जरिए राजनीतिक आधार मजबूत करने की रणनीति भी है। सरकार इसके जरिए विकास और गवर्नेंस को केंद्र में रखकर आगे बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नौ वर्षों में बिना नया टैक्स लगाए राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई दी है। 45 हजार करोड़ रुपये से अधिक की नई योजनाएं और दो लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का पूंजीगत व्यय प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार सृजन को गति देगा। आगरा-लखनऊ से हरदोई फर्रुखाबाद गंगा एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी के लिए धनराशि की व्यवस्था की गई है।

गंगा एक्सप्रेसवे से प्रयागराज से आगे मीरजापुर, वाराणसी, चंदौली, सोनभद्र तक यानी शक्तिनगर तक इसके विस्तार की भी घोषणा हुई है। गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से हरिद्वार तक ले जाने के लिए भी बजट में घोषणा हुई है। पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे को आगे बढ़ाने की घोषणा हुई है। बेहतर कनेक्टिविटी ही निवेश का आधार है।

बजट में स्टेट डाटा अथारिटी के गठन, डाटा सेंटर क्लस्टर, यूपी एआइ मिशन और साइबर सिक्योरिटी आपरेशन सेंटर की स्थापना की घोषणा को सरकार भविष्य की अर्थव्यवस्था की बुनियाद बता रही है। स्किल डेवलपमेंट हब, डिजिटल एंटरप्रेन्योरशिप योजना व स्टार्टअप पर इस बजट में जोर दिया गया है।

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