कर्नलगंज के नरायनपुर माझा के दुल्हिनपुरवा निवासी शिवशंकर की हत्या का पुलिस ने राजफाश किया है। पुलिस का दावा है कि पढ़ाई में आर्थिक सहयोग न मिलने पर छोटे भाई अमरनाथ ने ही शिवशंकर की हत्या की थी। आरोपित को गांव के बाहर पक्की सड़क के पास से गिरफ्तार किया गया है। उसकी निशानदेही से भुलावन यादव के खेत की मेड़ के पास से छिपाए गए 31 हजार 500 बरामद किए गए है।
एसपी विनीत जायसवाल ने कहा कि तीन फरवरी की रात में शिवशंकर दुबे निवासी दुल्हिनपुरवा नरायनपुर माझा को अज्ञात व्यक्तियों ने चाकू मारकर हत्या की थी। इसमें पांच आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा किया गया। जांच में मृतक के छोटे भाई अमरनाथ दुबे को गिरफ्तार किया गया। आरोपितों ने पूछताछ में बताया गया कि उसने इंटरमीडिएट व स्नातक की शिक्षा इलाहाबाद में रहकर पूर्ण की थी।
वर्ष 2023 से 2025 तक दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी कर रहा था। अगस्त 2025 से लखनऊ में रहकर तैयारी कर रहा था। पढ़ाई के दौरान उसे परिवार से अपेक्षित आर्थिक सहयोग नहीं मिल पा रहा था, जिससे वह लगातार तनाव में रहने लगा। परिवार की आय-व्यय का पूरा नियंत्रण उसके बड़े भाई शिवशंकर दुबे के पास था।
आरोपित के मन में यह धारणा बन गई कि उसका भाई जानबूझकर उसे पैसे नहीं दे रहा है और उसके भविष्य व करियर को खराब कर रहा है। भाई के प्रति द्वेष रखने लगा। जब उसे जानकारी हुई कि उसके माता-पिता दो जनवरी को एक माह के लिए कल्पवास के लिए प्रयागराज जा रहे हैं, तब उसने मौका देखकर एक जनवरी को लखनऊ से घर आने का निर्णय लिया। घर आने के बाद उससे खेती-बाड़ी व पशुओं की देखभाल का कार्य कराया जाने लगा।
उसकी पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही थी और उसे अपना भविष्य अंधकारमय लगने लगा था। उसके भाई के पास नकदी रहती है। तभी उसने भाई की हत्या कर रुपये लेने की योजना बनाई। 27 जनवरी को कस्बा कर्नलगंज बस स्टाप के पास साइकिल से चाकू बेचने वाले व्यक्ति से 60 रुपये में चाकू खरीदा। 31 जनवरी को पड़ोस की भाभी को बैंक ले जाने के दौरान उसने कर्नलगंज कस्बे में रामतेज बिल्डिंग की दुकान पर 20 रुपये देकर उसी चाकू की धार तेज कराई।


