वॉशिंगटन: अमेरिकी विदेश मंत्रालय की हालिया रिपोर्ट में भारतीय नेताओं द्वारा अमेरिकी शीर्ष नेताओं को दिए गए महंगे उपहारों का विवरण सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जुलाई 2024 में तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडेन को स्टर्लिंग सिल्वर से बने 7,750 डॉलर मूल्य का ट्रेन सेट भेंट किया था। यह उपहार बाद में नेशनल आर्काइव्स में स्थानांतरित कर दिया गया।
यह जानकारी स्टेट डिपार्टमेंट के ऑफिस ऑफ द चीफ ऑफ प्रोटोकाल द्वारा जारी रिपोर्ट में दी गई है। रिपोर्ट में वर्ष 2024 के दौरान विभिन्न अमेरिकी एजेंसियों को रिपोर्ट किए गए सभी उपहारों का विस्तृत ब्यौरा शामिल है।
रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2024 के लिए “न्यूनतम मूल्य” की सीमा 480 डॉलर निर्धारित की गई थी। इस सीमा से कम मूल्य वाले उपहारों को औपचारिक रिकॉर्ड में दर्ज करने की आवश्यकता नहीं थी।
व्हाइट हाउस से जुड़े विवरण में बताया गया है कि प्रधानमंत्री मोदी ने 10 सितंबर 2023 को राष्ट्रपति बाइडेन को लकड़ी का चेस्ट, स्कार्फ, केसर और चाय के लिए लकड़ी का डिब्बा भेंट किया था। इन उपहारों की अनुमानित कीमत 562 डॉलर थी। रिपोर्ट में उल्लेख है कि चाय और केसर जैसी नाशवान वस्तुएं रिकॉर्ड के लिए सौंपे नहीं गए, जबकि अन्य वस्तुओं को नेशनल आर्काइव्स को हस्तांतरित कर दिया गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह पारंपरिक कूटनीतिक अभ्यास का हिस्सा है, जिसमें राष्ट्राध्यक्षों और उच्च अधिकारियों को सांस्कृतिक और प्रतीकात्मक महत्व वाले उपहार दिए जाते हैं। स्टर्लिंग सिल्वर ट्रेन सेट जैसे महंगे और कलात्मक उपहार दोनों देशों के बीच पारंपरिक सम्मान और मित्रता को दर्शाते हैं।
स्टेट डिपार्टमेंट की रिपोर्ट सार्वजनिक तौर पर जारी की जाती है और इसमें सालाना अमेरिकी अधिकारियों को प्राप्त सभी विदेशी उपहारों का ब्यौरा होता है। यह प्रक्रिया पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लागू की गई है और इसमें मूल्य और उपहार की प्रकृति का विवरण भी शामिल होता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन उपहारों का रिकॉर्ड रखना कूटनीतिक इतिहास और प्रशासनिक रिकॉर्ड के लिए महत्वपूर्ण है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि मूल्यवान उपहार सुरक्षित रूप से संग्रहित हों और भविष्य में संदर्भ के लिए उपलब्ध रहें।


