दुनिया के परमाणु वैज्ञानिकों ने ‘डूम्सडे क्लॉक’ यानी प्रलय की घड़ी को अब तक की सबसे खतरनाक स्थिति में पहुंचा दिया है। यह घड़ी अब आधी रात से केवल 85 सेकंड दूर है, जिसे वैश्विक विनाश के बेहद करीब होने का संकेत माना जा रहा है।
‘बुलेटिन ऑफ द एटॉमिक साइंटिस्ट्स’ संस्था ने बताया कि अमेरिका, रूस और चीन जैसे परमाणु शक्ति संपन्न देशों का आक्रामक रवैया, परमाणु हथियार नियंत्रण समझौतों का कमजोर होना, यूक्रेन और मध्य पूर्व में जारी युद्ध, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़े खतरे और जलवायु परिवर्तन इस फैसले की मुख्य वजह हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति दुनिया को चेतावनी देती है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो मानवता गंभीर संकट का सामना कर सकती है।


