NCL न्यूज़ : लाइजनिंग के नाम पर 20 रुपया प्रति टन वसूल निकल लिए साहब ?आखिर छाबरा कौन ?
सिंगरौली। नवानगर थाना क्षेत्र के एक परियोजना के खदान से निकलने वाले कोयला के लाइजनिंग के नाम पर 15 से 20 रुपया प्रति टन वसूली किए जाने का सनसनी खेज मामला प्रकाश में आया है। एक विश्वसनीय सूत्र ने नाम छापने की शर्त पर दावा किया कि पहले 5 रुपये प्रति टन बड़े कोयला ट्रांसपोर्टरों से वसूली की जाती थी लेकिन अब जैसे ही निगाही परियोजना के पीओ का स्थानांतरण हुआ है तब से ही ये वसूली बढाकर 15 रुपये से 20 रुपये प्रति टन हो गयी थी सूत्र बताते हैं की ये पूरी वसूली लेकर एक साहब परियोजना छोड़ कर चले गए अब जब साहब चले गए तो जिम्मेदार हाथ मलते नजर आ रहे हैं अब परियोजना की लाइजनिंग के खर्चे का टेंशन सामने नजर आने लगा हैयह पूरी वसूली अंडर टेबल हुई लिहाजा जिम्मेदारो को इस मामले की भनक तक नही लगी
मिली जानकारी के अनुसार इसके पूर्व निगाही परियोजना में परियोजना अधिकारी के रूप में सीपी सिंह जब तक परियोजना के कार्यभार को देखते रहे तब तक अवैध वसूली करने वाले अधिकारियों की दाल तक नहीं गली यही कारण है कि परियोजना में बैठे कुछ भ्रष्ट साहब ने अपने एक गुर्गे जैसवाल को मिलाकर एड़ी से चोटी तक जोर लगाते हुए तत्कालीन परियोजना अधिकारी सीपी सिंह का स्थानांतरण एनसीएल हेड कवाटर करा दिया इसके बाद उक्त भ्रष्ट साहब का खेल शुरू हो गया कोयला का ट्रांसपोर्ट करने वाले ट्रांसपोर्ट कंपनियों के संचालकों से छाबरा नामक व्यक्ति द्वारा वसूली किये जाने की बात सामने आई है और मौका मिलते ही साहब सब वसूली समेटकर परियोजना तो टाटा कर दिया।

एक महीने में कम से कम 27 लाख की वसूली
परियोजना से निकलने वाले कोयले की गाड़ियों से लाइजनिंग के नाम पर साहब द्वारा प्रति टन 15 से 20 रुपया की वसूली की गयी अब आप अंदाजा लगा लीजिए की निगाही परियोजना से प्रतिदिन 100 से 200 गाड़ियां कोयला लेकर अन्यत्र के लिए निकलते थे और आज भी निकलते हैं एक हिसाब लगायें तो किसी भी ट्रेलर या ट्रक में कम से कम 30 से 40 टन कोयला लोड होता है ऐसे में एक दिन का अगर मात्र 150 गाड़ियाँ ही जोडे तो कुल 4500 टन कोयला कम से कम निकलता है ये अकड़ा और भी अधिक है, अगर इसे जोड़े तो प्रति दिन कम से कम 90 हजार की वसूली हुई मतलब एक महीने में कम से कम 27 लाख की वसूली।
अब आप अंदाजा लगा लीजिए कि ये साहब किस हद तक की मलाई टेबल के नीचे से खा कर चले गए यह तो आपको हमने एक नंबर के निकलने वाले कोयले का राज बताया अब परियोजना से निकलने वाले स्टीम कोयले की बात करें तो इस टीम कोयले का रेट फिक्स होता है 30 से 40 रुपया प्रति टन यानी की इसमें भी लाखों का गोलमाल?
अगले अंक में इस मामले की विस्तृत खबर जल्द..


