कश्मीर घाटी से भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सोफी यूसुफ ने बुधवार को पार्टी नेतृत्व को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जम्मू को कश्मीर से अलग करने की कोई भी कोशिश की गई, तो वह लगभग एक लाख कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा छोड़ देंगे।
सोफी यूसुफ यह बयान पार्टी के एक सम्मेलन के दौरान दे रहे थे, जहां संगठनात्मक और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा के लिए भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। उनके इस बयान ने पार्टी के भीतर ही नई बहस और हलचल को जन्म दे दिया है।
सम्मेलन के दौरान सोफी यूसुफ ने भाजपा नेता शाम लाल शर्मा के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान गैर-जिम्मेदाराना हैं और जम्मू-कश्मीर की एकता और सामाजिक समरसता के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं।
सोफी यूसुफ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जम्मू और कश्मीर का विभाजन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और इस मुद्दे पर पार्टी को बेहद सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ बोलना चाहिए। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ऐसे बयान जमीनी स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता के बीच गलत संदेश पहुंचाते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान केवल व्यक्तिगत असहमति नहीं, बल्कि भाजपा के भीतर क्षेत्रीय संतुलन और जम्मू-कश्मीर के भविष्य को लेकर उभरते मतभेदों की ओर भी इशारा करता है। आने वाले दिनों में पार्टी नेतृत्व इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

