कौन था हिंदू युवक दीपू चंद्र दास? बांग्लादेश में ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने पीट-पीटकर मारा, 7 आरोपी गिरफ्तार

2.4kViews
1415 Shares

बांग्लादेश में शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद से भारी बवाल देखने को मिल रहा है। भारी बवाल के बीच भीड़ ने एक हिंदू युवक की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। हिंदू युवक की हत्या के बाद से तनाव और बढ़ गया है। आइए जानते हैं आखिर कौन है वो हिंदू युवक, जिसकी हत्या की गई है।

दरअसल, बांग्लादेश के मयमनसिंह में इस्लाम का अपमान करने के आरोप में हिंदू युवक दीपू चंद्र की हत्या की गई। आरोप है कि दीपू चंद्र विश्व अरबी भाषा दिवस के अवसर पर कारखाने में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इस्लाम और पैगंबर मोहम्मद के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की। इसके बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया और गुस्साई भीड़ ने उसकी हत्या कर दी।

कौन था दीपू चंद्र?

हिंदू समुदाय से संबंध रखने वाले दीपू चंद्र की उम्र 25 साल थी। वह मयमनसिंह में रहता था और वहां स्क्वायर मास्टरबारी इलाके में स्थित पायनियर निट कंपोजिट फैक्ट्री में मजदूर के रूप में काम करके अपना जीवन यापन करता था।

भालुका मॉडल पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर (जांच) अब्दुल मलिक ने बताया कि हत्या के बाद भीड़ ने दास के शव को ढाका-मयमनसिंह राजमार्ग के किनारे छोड़ दिया और उसमें आग लगा दी, जिससे सड़क के दोनों ओर यातायात ठप्प हो गया। यही नहीं इसके बाद अधजले शव को भीड़ ने पेड़ में बांधकर जलाया। जिसके बाद तनाव और बढ़ गया।

घटना के बाद एनडीटीवी ने मृतक ने दीपू चंद्र दास के पिता रविलाल दास से बात की। जिसने अपने बेटे की मौत के बारे में बताया। दीपू के पिता ने कहा कि उनके परिवार को इस घटना की जानकारी सबसे पहले सोशल मीडिया के माध्यम से मिली।

7 लोग गिरफ्तार

रैपिड एक्शन बटालियन (आरएबी) ने दीपू चंद्र दास की बेरहमी से पिटाई और हत्या के मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है। अंतरिम सरकार ने एक बयान में कहा कि आरएबी-14 द्वारा विभिन्न स्थानों पर चलाए गए अभियानों की एक श्रृंखला के बाद ये गिरफ्तारियां की गई हैं।

मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने X पर एक बयान में कहा कि रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) ने इस मामले में सात लोगों को संदिग्ध के तौर पर गिरफ्तार किया है। बयान में कहा गया है कि गिरफ्तारियां अलग-अलग जगहों पर ऑपरेशन के दौरान की गईं, और गिरफ्तार किए गए लोगों की उम्र 19 से 46 साल के बीच है। इस जघन्य अपराध के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

संदिग्धों की पहचान मोहम्मद लिमोन सरकार (19), मोहम्मद तारेक हुसैन (19), मोहम्मद माणिक मिया (20), इरशाद अली, 5 निजुम उद्दीन, 6 अलोमगीर हुसैन (38) और मोहम्मद मिराज हुसैन एकॉन (46) के रूप में की गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *