तराई में ठंड लगातार बढ़ रही है। गुरुवार सुबह लगभग नौ बजे तक कोहरा छाया रहा। इसके बाद दोपहर 12 बजे तक धुंध बनी रही। बर्फीली हवा चलने से लोग घरों में दुबकने को विवश हुए। दोपहर बाद सूर्यदेव के दर्शन हुए, तब लोगों ने राहत की सांस ली। मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतते हुए बहुत जरूरी होने पर ही सुबह व शाम घर से बाहर निकलने की सलाह दी है।
सुबह सो कर उठे तराईवासियों को घने कोहरे का सामना करना पड़ा। कोहरे से दृश्यता इतनी कम रही सुबह नौ बजे तक बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। सड़कों पर थोड़े-बहुत वाहन निकले भी तो हेडलाइट जलाकर रेंगते नजर आए। हाईवे, मुख्य मार्गों और संपर्क मार्गों पर घने कोहरे के चलते लोगों को आवागमन में कठिनाई हुई।स्कूल जाने वाले बच्चे और दफ्तर जाने वाले कर्मचारी मौसम के कारण ठंड से कंपकंपाते दिखे। बेसहारा मवेशी ठंड से बचने के लिए खाली पड़े मकानों व दुकानों में शरण लिए रहे। दोपहर बाद लोगों को सूर्यदेव के दर्शन हुए, लेकिन गलन बरकरार रही। आपदा विशेषज्ञ अरुण कुमार मिश्र ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते कुछ दिनों तक ऐसे ही मौसम बने रहने की संभावना है। जिले का अधिकतम तापमान 24.17 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 11.69 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।

