लद्दाख सीमा की सुरक्षा में तैनात हुए नए पहरेदार, फायर एंड फ्यूरी कोर केे जांबाज सैनिक ड्रोन शक्ति से हुए लैस

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आधुनिक युद्धक्षेत्र की बदलती चुनौतियों का सामना करने के लिए केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में अत्याधुनिक ड्रोन संचालन में दक्ष अचूक योद्धा तैयार हो रहे हैं।

लद्दाख में चीन, पाकिस्तान से लगती देश की सीमाओं पर ये अचूक योद्धा, ड्रोन की ताकत से लैस होकर दुश्मन की ओर से किसी भी प्रकार की साजिश को नाकाम बनाने के लिए जमीन पर दबदबा बनाने के साथ आसमान में भी मारक प्रहार करने के लिए तैयार रहेंगे।

हवा से दुश्मन की ओर से किसी भी प्रकार के दुस्साहस का त्वरित जवाब देने के लिए लेह में सेना की फायर एंड फ्यूरी कोर द्वारा शुरू किए गए अत्याधुनिक ड्रोन ट्रेनिंग नोड में सैनिकों को सर्वलांस, दुश्मन पर कड़ा आघात करने में सक्षम ड्रोन के संचालन के लिए तैयार करने के अभियान ने जोर पकड़ लिया है।

आपरेशन सिंदूर के दौरान दुश्मन द्वारा ड्रोन के समूह हमलों को नाकाम बनाने वाली सेना ने अपने बेड़े में अत्याधुनिक ड्रोन शामिल किए हैं। अब हर सैनिक को ड्रोन संचालन में दक्ष बनाने के लक्ष्य पर काम हो रहा है।

सेना की ऑपरेशनल तैयारियों में आई और तेजी

लद्दाख की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाली सेना की फायर एंड फ्यूरी कोर इस समय अपनी आधुनिक युद्धक क्षमता को नई उंचाइयों तक ले जाने के अभियान पर है। पिछले कुछ दिनों के दौरान आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी व उत्तरी कमान प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने अपने लद्दाख दौरों से क्षेत्र में सेना की ऑपरेशनल तैयारियों को और तेजी दी है।

सेना के एक अधिकारी ने बताया कि लेह में शुरू किया गया ड्रोन ट्रेनिंग नोड सेना की ताकत को बढ़ाने वाला फोर्स मल्टीप्लायर साबित होगा। नवीनतम तकनीक से लैस यह केंद्र सैनिकों को आधुनिक युद्ध क्षेत्र की बदलती चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करेगा। इससे सैनिक वास्तविक समय की निगरानी, शत्रु गतिविधियों का सटीक पता लगाने व कम समय में प्रभावी कार्रवाई करने में सक्षम होंगे।

दुश्मन के प्रहारों को नाकाम बनाने की ट्रेनिंग ले रहे सैनिक

यह नोड लद्दाख जैसे संवेदनशील व सामरिक तौर पर महत्वपूर्ण क्षेत्र में सेना की ऑपरेशनल क्षमता को और मजबूत करेगा। सेना लगातार आधुनिक तकनीक के साथ खुद को उन्नत करने के लिए प्रतिबद्ध है। सेना लद्दाख में भविष्य के युद्धों में दुश्मन पर जमीन के साथ हवा से कड़ा आघात करेगी।

सेना क्षेत्र में भावी युद्धों में बहुआयामी युद्ध क्षमता का दमदार प्रदर्शन करने के लिए तैयार हो रही है। आधुनिक तकनीक से लैस सैनिक भूमि, वायु, साइबर, स्पेस से दुश्मन के प्रहारों को नाकाम बनाने की ट्रेनिंग ले रहे हैं। क्षेत्र में समय समय पर होने वाले युद्ध अभ्यासों इस तैयारी का प्रदर्शन भी किया जा रहा है।

तकनीक आधारित युद्ध के लिए प्रशिक्षित हो रहे जवान

लद्दाख में तैनात सैनिक अब ड्रोन से दुश्मन पर बम गिराने, हवा में दुश्मन के लक्ष्य से ड्रोन को टकरा कर उसे तबाह करने, उसकी निगरानी करने के साथ अग्रिम इलाकों में सैनिकों तक हथियार, जरूरी सामान पहुुंचाने में सक्षम हैं। आधुनिक युद्ध में ड्रोन खतरों को देखते हुए इस युद्घ अभ्यास में काउंटर अनमैन्ड एरियल ग्रिड को भी लगातार मजबूत किया जा रहा है। सैनिक उन्नत सेंसरों, नेटवर्क-सक्षम प्लेटफार्म, रियल-टाइम डेटा विश्लेषण से तकनीक आधारित युद्ध के लिए प्रशिक्षित हो रहे हैं।

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