तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने आज एक जोरदार घोषणा करते हुए कहा कि राज्य अपने पड़ोसी राज्यों के मुकाबले नहीं, बल्कि एशियाई आर्थिक ताकतों के मुकाबले अपना आर्थिक बेंचमार्क सेट कर रहा है।
उन्होंने कहा, “हमारे मुख्य प्रतियोगी और रोल मॉडल चीन, जापान, साउथ कोरिया और सिंगापुर हैं। हम भविष्य में विदेश से भारी डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट लेकर आएंगे।” उन्होंने जोर देकर कहा कि आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु तेलंगाना के भविष्य के विकास के लिए मानक नहीं हैं।
रेड्डी ने लॉन्च किया 2047 का विजन डॉक्यूमेंट
रेड्डी ने यह बात सचिवालय में “तेलंगाना राइजिंग 2047” विजन डॉक्यूमेंट को लॉन्च करने के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही। यह एक ब्लूप्रिंट है जो 2047 तक राज्य को 3 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी में बदलने के लिए है।
यह डॉक्यूमेंट “विजन और स्ट्रैटेजी” पर फोकस करता है। इसका मकसद देश के विकास में तेलंगाना का हिस्सा बढ़ाकर 10 परसेंट करना है। इस प्लान को 8 और 9 दिसंबर को फ्यूचर सिटी में होने वाले ग्लोबल समिट में आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया जाएगा, जिसमें दुनिया भर के नेताओं को बुलाया जाएगा।
नीति आयोग और आईएसबी जैसे संगठनों की मदद से तैयार किया गया यह पूरा डॉक्यूमेंट, लोगों को पार्टनर के तौर पर शामिल करता है और इसे राज्य को एक-दूसरे को मजबूत करने वाले आर्थिक क्षेत्रों में बांटने के आधार पर बनाया गया है।
कौन से हैं वो तीन आधार?
पहला है कोर अर्बन रीजन इकॉनमी या CURE। इस एरिया को सर्विस सेक्टर हब के तौर पर तेजी से विकसित किया जाएगा और प्रदूषण फैलाने वाली इंडस्ट्रीज को कोर एरिया से बाहर शिफ्ट करने का प्लान है।
दूसरा है पेरी अर्बन रीजन इकॉनमी या PURE। आउटर रिंग रोड और प्रस्तावित 360 किमी. रीजनल रिंग रोड के बीच मौजूद, PURE बड़े इकॉनमिक ड्राइवर्स को होस्ट करने के लिए तैयार है। यहां भारत फ्यूचर सिटी, एक नया ग्रीनफील्ड हाईवे, एक बुलेट ट्रेन नेटवर्क और मछलीपट्टनम पोर्ट से बेहतर कनेक्टिविटी बनाना शामिल है।
तीसरा है तीसरा है रूरल एग्रीकल्चर रीजनल इकॉनमी या RARE। यह बाहरी इलाका खेती पर फोकस करता है और किसानों को राज्य की इकॉनमिक ग्रोथ में एक्टिव पार्टनर के तौर पर दिखाता है।

