ट्रम्प ने लिली और नोवो नॉर्डिस्क से वजन घटाने वाली दवाओं की कीमतें कम करने के लिए समझौतों की घोषणा की

India's Shubman Gill bats during a T20 cricket international between India and Australia in Carrara, Australia, Thursday, Nov.6, 2025. (Dave Hunt/AAPImage via AP)

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एली लिली (Eli Lilly) और नोवो नॉर्डिस्क (Novo Nordisk) के साथ ऐसे ऐतिहासिक समझौतों की घोषणा की, जो मोटापे से जूझ रहे लाखों लोगों के लिए राहत का सबब बन सकते हैं। इन समझौतों के तहत मोटापे की दवाओं- और जल्द लॉन्च होने वाली गोलियों- की कीमतों में बड़ी कटौती की जाएगी। यह पहल इन महंगी और चर्चित GLP-1 दवाओं को आम अमेरिकी की पहुँच में लाने के लिए अब तक का सबसे बड़ा कदम मानी जा रही है।

मेडिकेयर और मेडिकेड के लिए नई राहत

इन समझौतों के बाद 2026 से मेडिकेयर और मेडिकेड लाभार्थियों को मोटापे की दवाओं पर छूट मिलेगी। इसके साथ ही ट्रंप प्रशासन जनवरी में TrumpRx.gov वेबसाइट शुरू करेगा, जहां उपभोक्ताओं को ये दवाएं सीधे रियायती दरों पर मिल सकेंगी।

इतिहास में पहली बार, मेडिकेयर मोटापे की दवाओं को कवर करेगा- एक ऐसा कदम जो इस क्षेत्र के बाजार को पूरी तरह बदल सकता है। कुछ रोगियों को अब मोटापा और मधुमेह दोनों के इलाज के लिए GLP-1 दवाओं पर सिर्फ 50 डॉलर प्रति माह खर्च करने होंगे।

नई गोलियां, नई उम्मीदें

अगले साल लॉन्च होने वाली एली लिली की ऑर्फोग्लिप्रोन गोली और नोवो नॉर्डिस्क की मौखिक वेगोवी की शुरुआती खुराक की कीमत 145 डॉलर प्रति माह रखी गई है। वहीं मौजूदा इंजेक्शन दवाएं- जैसे वेगोवी और ज़ेपबाउंड- TrumpRx प्लेटफॉर्म पर 350 डॉलर प्रति माह में मिलेंगी, और दो वर्षों में यह घटकर 245 डॉलर प्रति माह हो जाएगी। ट्रंप ने कहा, “पहले इन दवाओं की कीमत 1,000 डॉलर से ज्यादा थी- आज से यह खत्म हो रही है।”

‘सर्वाधिक पसंदीदा राष्ट्र’ नीति का असर

यह समझौता ट्रंप प्रशासन की “Most Favored Nation Policy” का हिस्सा है, जिसके तहत अमेरिका में दवाओं की कीमतें अब विदेशों में मिलने वाली न्यूनतम कीमतों से जुड़ी रहेंगी। इसके तहत ट्रंप पहले ही फाइजर, एस्ट्राजेनेका और ईएमडी सेरोनो जैसी कंपनियों के साथ सीधे मरीजों को दवाएं रियायती दरों पर बेचने के सौदे कर चुके हैं।

स्वास्थ्य एवं मानव सेवा सचिव रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर ने इसे अब तक की सबसे प्रभावशाली घोषणा बताया और कहा कि, “यह समझौता हर अमेरिकी पर असर डालेगा- चाहे वह मेडिकेयर या मेडिकेड का हिस्सा हो या नहीं।”

कौन होंगे पात्र मरीज?

नए मेडिकेयर कवरेज के तहत लगभग 10% मेडिकेयर लाभार्थी इन दवाओं के लिए पात्र होंगे। पात्र मरीजों को तीन समूहों में बाँटा गया है:

  • पहला समूह– जिनका BMI 27 से ऊपर है और जिन्हें प्री-डायबिटीज़ या हृदय रोग हैं।
  • दूसरा समूह– जिनका BMI 30 से ऊपर है और जिन्हें अनियंत्रित हाई ब्लड प्रेशर, किडनी डिजीज या कार्डियक इश्यूज हैं।
  • तीसरा समूह– गंभीर मोटापे (BMI 35+) वाले मरीज।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कवरेज केवल उन रोगियों तक सीमित रहेगा जिन्हें चिकित्सकीय रूप से लाभ होगा- ताकि संसाधन सही जगह उपयोग हों।

मोटापे के इलाज में नया युग

अब तक मोटापे की GLP-1 दवाओं की कीमतें 1,000 से 1,350 डॉलर प्रति माह के बीच थीं, जो आम मरीज के लिए मुश्किल साबित होती थीं। नई कीमतें न केवल आर्थिक बोझ घटाएंगी, बल्कि लाखों अमेरिकियों को पहली बार वैज्ञानिक रूप से सिद्ध वज़न घटाने वाले इलाज तक पहुँच दिलाएँगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, यह कदम मोटापे से जुड़ी बीमारियों- जैसे हृदय रोग, स्लीप एपनिया और डायबिटीज़- के खतरे को भी कम करेगा।

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