Diwali पर मिठाइयां खरीदने से पहले पढ़ लें यह खबर, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती

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त्यौहारों के दिनों में स्वास्थ्य विभाग की फूड सेफ्टी टीम की इन दिनों खूब दहशत है और इसका यह पूरा लाभ ले रहे हैं। सिविल सर्जन डॉ. रमनदीप कौर के दिशा-निर्देशों में फूड सेफ्टी टीम लुधियाना ने आज शहर के एक कोल्ड स्टोरेज में निरीक्षण अभियान चलाया, जहाँ बड़ी मात्रा में मिठाइयाँ स्टोर की गई थीं। निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि खोया और गुलाब जामुन मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त और खराब स्थिति में रखे गए थे। गुणवत्ता हीनता और अनुचित भंडारण परिस्थितियों के कारण, फूड सेफ्टी टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कुल 160 किलोग्राम मिठाइयाँ (खोया और गुलाब जामुन) को मौके पर ही नष्ट कर दिया। यह प्रक्रिया विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति में की गई। इसलिए अगर आप भी दीवाली के मौके पर मिठाइयां खरीदतें हैं तो जरा संभल कर ही खरीदें, क्योंकि इन दिनों मार्कीट में मिलावटखोरी हद से ज्यादा बढ़ चुकी है, जोकि सीधे-सीधे हमारे स्वास्थ्य के साथ बड़ा खिलवाड़ साबित हो सकती है।

इसके अलावा, रसगुल्ला का एक सैंपल भी मौके से एकत्र किया गया, जबकि खोये का सैंपल नहीं लिया गया बताया जाता है कि यह कार्रवाई हलवाई को बचाने के लिए की गई है हालांकि सिविल सर्जन का कहना है कि मिलावट खोरो के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी परंतु फूड विंग की टीम द्वारा तकनीकी कारण पेश करते हुए अक्सर मिलावट खोर को बचा लिया जाता है सूत्रों ने बताया कि आज दो कोल्ड स्टोरेज की जांच की गई जिसमें 500 किलो से अधिक खोया स्टोर किया हुआ था। हालांकि टीम का कहना है कि उसने मौके से कोई और रसगुल्ले के दो सैंपल लिए परंतु स्वास्थ्य विभाग के मास मीडिया विभाग के कहना है उन्हें दिए गए सूचना में सिर्फ रसगुल्ले का सैंपल लिया गया है।

फूड सैंपलिंग में राजनीतिकों का हस्तक्षेप

बताया जाता है कि राजनीतिक फूड विंग के अधिकारियों के गॉडफादर बने हुए हैं जिसके चलते शहर में फूड सैंपलिंग के काम में पारदर्शिता नहीं रखी जा रही मौके पर फूड विभाग की टीम द्वारा सिविल सर्जन व अन्य अधिकारियों को किसान कोल्ड स्टोरेज स्टोर में बुलाया गया जबकि उन्हें सही जानकारी नहीं दी गई लोगों ने कहा कि फूड सैंपलिंग की व्यापक स्तर पर जांच होनी चाहिए ताकि लोगों को निम्नस्तरीय खाने पीने की वस्तुओं तथा मिलावट खोरी से बचाया जा सके।

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