नवानगर का प्रशांत कौन? अमलोरी में चोरियों का बढ़ता ग्राफ, स्मैक डीलर अजय से कथित कनेक्शन की चर्चा!

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क्षेत्र में चोरी, स्मैक बिक्री और खदानों से कबाड़ गायब होने की चर्चाएं तेज, आखिर पुलिस की नजर इन गतिविधियों पर क्यों नहीं?

सिंगरौली। नवानगर थाना क्षेत्र के अमलोरी इलाके में लगातार सामने आ रही चोरी की घटनाओं, कथित स्मैक कारोबार और खदानों से कबाड़ चोरी की चर्चाओं ने कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र में इन दिनों एक नाम प्रशांत नामक व्यक्ति को लेकर चर्चाएं गर्म हैं। आखिर नवानगर का यह प्रशांत कौन है, जिसकी गतिविधियों को लेकर पूरे अमलोरी क्षेत्र में चर्चाएं होने की बात कही जा रही है?

स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि अमलोरी क्षेत्र में बीते दिनों चोरी की घटनाओं में तेजी आई है। मोटरसाइकिलों से लेकर अन्य सामानों की चोरी की घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। वहीं, कथित तौर पर स्मैक कारोबार से जुड़े लोगों की गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।सूत्रों का दावा है कि इन चर्चाओं के बीच स्मैक डीलर बताए जा रहे अजय और प्रशांत के बीच कथित संबंधों को लेकर भी क्षेत्र में तरह-तरह की बातें सामने आ रही हैं।

क्या एंट्री के दम पर चल रही स्मैक बिक्री?

नवानगर क्षेत्र में चर्चाओं का एक और गंभीर पहलू सामने आ रहा है। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी हो रही है कि कथित तौर पर स्मैक की बिक्री एंट्री के दम पर संचालित हो रही है। यदि इन चर्चाओं में कोई सच्चाई है, तो यह न केवल नशे के कारोबार बल्कि कानून-व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब क्षेत्र के लोगों के बीच इन गतिविधियों को लेकर चर्चाएं होने का दावा किया जा रहा है, तो क्या पुलिस प्रशासन इन मामलों से पूरी तरह अनजान है? अथवा इन गतिविधियों पर कार्रवाई को लेकर कोई ठोस रणनीति तैयार की जा रही है?

खदानों से खुलेआम कबाड़ चोरी, जिम्मेदार खामोश क्यों?

नवानगर क्षेत्र में केवल चोरी और कथित नशे का कारोबार ही चर्चा का विषय नहीं है, बल्कि क्षेत्र की खदानों से खुलेआम कबाड़ चोरी होने की बातें भी सामने आ रही हैं। खदानों से कबाड़ की कथित चोरी यदि लगातार जारी है, तो यह सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है।आखिर खदानों में सुरक्षा व्यवस्था किसके जिम्मे है? चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं? और यदि लगातार चोरी की चर्चाएं हैं, तो संबंधित जिम्मेदारों की जवाबदेही तय क्यों नहीं हो रही?

साहब और उनके कारखास आखिर किस काम में व्यस्त?

क्षेत्र में चर्चाओं के बीच साहब और उनके करीबी की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय चर्चाओं में यह आरोप लगाया जा रहा है कि जहां एक ओर चोरी, कथित स्मैक कारोबार और कबाड़ चोरी जैसी गतिविधियों को लेकर चिंता बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार अधिकारी और उनके कारखास बेफिक्र नजर आ रहे हैं।

अब सवाल सिर्फ प्रशांत कौन है, यह नहीं है। सवाल यह भी है कि अमलोरी में चोरी, कथित स्मैक कारोबार और खदानों से कबाड़ चोरी की चर्चाओं के बीच पुलिस की सक्रियता कितनी है? क्या इन गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई होगी, या क्षेत्र के लोग इसी तरह सवाल उठाते रहेंगे?

शेष अगले अंक में…

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